
जबलपुर। जबलपुर कलेक्ट्रेट कार्यालय मंगलवार को अंतरधार्मिक विवाह के एक मामले को लेकर दिनभर छावनी में तब्दील नजर आया। सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में भारी हलचल रही और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता वहां एकत्रित रहे।मामला अधारताल निवासी मोहम्मद शफीक एवं नेहा रैकवार द्वारा स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत प्रस्तुत विवाह आवेदन से संबंधित था। मंगलवार को विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष उक्त आवेदन पर आपत्तियों एवं पक्षकारों के तर्कों को सुनने का समय निर्धारित था।
सुबह से ही विभिन्न हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता तथा सनातन धर्म से जुड़े अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद रहे। शाम करीब 5 बजे मुस्लिम पक्ष के लोग विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए।
नेहा रैकवार की मां शीला रैकवार की ओर से अधिवक्ता विवेक तिवारी ने विवाह आवेदन पर आपत्ति प्रस्तुत करते हुए अपना पक्ष रखा। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि मोहम्मद शफीक पर नेहा के माता-पिता के साथ मारपीट करने, उन्हें तेजाब से जलाने की धमकी देने तथा अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आपत्ति पक्ष की ओर से यह भी कहा गया कि मोहम्मद शफीक पूर्व में नेहा को अपने साथ ले जा चुका है और घर से गहने चोरी किए जाने के संबंध में भी आरोप लगाए गए हैं। अधिवक्ता विवेक तिवारी ने विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए नेहा के माता-पिता की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है तथा भविष्य में किसी अप्रिय घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विवाह आवेदन को निरस्त किए जाने की प्रार्थना की।
वहीं, मोहम्मद शफीक की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने तर्क दिया कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत प्रस्तुत विवाह आवेदन कानूनी रूप से वैध है और उसे केवल आपत्तियों के आधार पर निरस्त नहीं किया जा सकता। मुस्लिम पक्ष की ओर से अपने समर्थन में विभिन्न न्यायालयों के निर्णय भी विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों और प्रस्तुत परिस्थितियों पर विचार करने के बाद विवाह पंजीयन अधिकारी ने कानून-व्यवस्था एवं मामले से जुड़ी परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मोहम्मद शफीक और नेहा रैकवार द्वारा प्रस्तुत विवाह आवेदन को निरस्त कर दिया। इस मामले में हिंदू धर्म सेना की ओर से मुकेश रजक एवं हेमराज उपाध्याय, विश्व हिंदू परिषद से आरती शुक्ला सहित अधिवक्ता विवेक तिवारी, धर्मराज सिंह, सोनू रैकवार, गौरव तिवारी, सौरभ सोनकर एवं शिपु सोनकर सहित अन्य लोगों ने आपत्ति प्रस्तुत की और अपनी बात विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष रखी।
