
जबलपुर। जबलपुर की बेटी सुषमा सावंत को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किए जाने से शहर का गौरव बढ़ा है। केंद्र सरकार ने मंगलवार, 8 सितंबर को उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी की। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 18 अगस्त 2026 की सिफारिश और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति हुई है। सुषमा सावंत के साथ संतोष शर्मा और सुधीर कुमार को भी छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। तीनों न्यायाधीश 10 सितंबर को बिलासपुर में शपथ ग्रहण करेंगे। 24 नवंबर 1969 को छिंदवाड़ा में जन्मीं सुषमा सावंत का जबलपुर से गहरा नाता है।
वे शहर के सुपरिचित कृपा शंकर वर्मा की पुत्री हैं और उनकी प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी पढ़ाई जबलपुर में हुई। नर्मदा रोड स्थित जॉनसन गर्ल्स स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने एमएच कॉलेज से बीएससी और हितकारिणी कॉलेज से विधि स्नातक की उपाधि हासिल की। वर्ष 1994 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा में चयनित होने के बाद उन्होंने महासमुंद, बिलासपुर और राजनांदगांव में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सहित कई महत्वपूर्ण दायित्व संभाले। वे बिलासपुर कुटुंब न्यायालय की प्रधान न्यायाधीश और छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी की निदेशक भी रह चुकी हैं। जबलपुर की गलियों से न्यायिक सेवा के सर्वोच्च पड़ाव तक पहुंची सुषमा सावंत की उपलब्धि शहर के लिए निश्चित रूप से गौरव का विषय है।
