गुना: जिले के स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स पर कार्यरत मल्टी स्किल वर्कर पिछले चार महीनों से मानदेय न मिलने के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद सुनवाई न होने से परेशान होकर कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा और अविलंब वेतन जारी करने की मांग की।
आउटसोर्स कर्मचारियों का कहना है कि जिले भर में लगभग 300 वर्कर अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर मानदेय नहीं दिया जाता। प्रत्येक कर्मचारी का प्रतिमाह वेतन 10 हजार 600 रुपए है, जो बीते चार महीनों से अटका हुआ है। कर्मचारियों ने बताया कि ठेकेदार से बात करने पर उनका कहना होता है कि सीएमएचओ कार्यालय से बिल पास नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण भुगतान रुका है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से यह ढर्रा बना दिया गया है कि तीन महीने का वेतन रोककर केवल एक महीने का मानदेय थमा दिया जाता है। इससे पहले भी वे विभाग और कलेक्टर कार्यालय में करीब 5 बार लिखित आवेदन दे चुके हैं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वेतन न मिलने से सबसे ज्यादा परेशानी महिला कर्मचारियों को उठानी पड़ रही है। आर्थिक तंगी के कारण किसी के बच्चों की स्कूल फीस अटकी है, तो कोई घर के लिए राशन तक नहीं खरीद पा रहा है। वहीं कई कर्मचारियों के घरों में बुजुर्ग माता-पिता के इलाज के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं। कर्मचारियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द रुका हुआ मानदेय दिलवाने की मांग की है।
