बुधनी। नेशनल हाईवे-46 पर बीती रात गाय से टकराकर घायल हुए 25 वर्षीय युवक को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने का मामला सामने आया है. गंभीर चोट और रक्तस्राव के बावजूद युवक को रेफर करने के लिए एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा. अस्पताल परिसर में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद परिजनों को कथित तौर पर बीएमओ की अनुमति का हवाला दिया गया. बाद में एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद एंबुलेंस उपलब्ध हो सकी.
जानकारी के अनुसार शाहरुख पिता बाबू खां को हादसे के बाद स्थानीय लोग सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. ड्यूटी डॉक्टर इशिता ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए नर्मदापुरम रेफर किया. परिजनों के मुताबिक 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन उसके पहुंचने में देरी हो रही थी. इस पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में खड़ी एंबुलेंस से मरीज को नर्मदापुरम भेजने की मांग की. आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर ने बीएमओ की अनुमति नहीं होने की बात कहते हुए एंबुलेंस देने से इंकार कर दिया. इससे अस्पताल में विवाद की स्थिति बन गई. मामले की जानकारी परिजन अफजल खां ने एसडीएम संजीव कुमार नागू को फोन पर दी. एसडीएम ने तत्काल बीएमओ डॉ. डी. बड़ोदिया से बात कर घायल को एंबुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इसके बाद युवक को नर्मदापुरम भेजा गया. बताया जा रहा है कि अस्पताल में पहले दो एंबुलेंस थीं, जिनमें से एक रेहटी भेजी गई है. वहीं नियमित चालक के अन्यत्र अटैच होने और आउटसोर्स कर्मचारियों से वाहन चलवाए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. मामले में एसडीएम संजीव कुमार नागू ने कहा कि बीएमओ को अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए गए हैं. जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नजर आएगा.
