नयी दिल्ली, (वार्ता) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एजेंसी विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने आयात-निर्यात कारोबार करने वाली इकाइयों की सुविधा के लिए ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफॉर्म के माध्यम से मूल प्रमाण पत्र (सीओओ) जारी करने और सत्यापन के लिए एक ओपन एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (एपीआई) सुविधा शुरू की है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार यह सुविधा अब पात्र निर्यातकों के लिए उपलब्ध है और इसके लिए पंजीकरण, प्रमाणीकरण और तकनीकी एकीकरण प्रक्रिया ट्रेड कनेक्ट ई-प्लेटफ़ॉर्म पर कराया जा सकता है।
मंत्रालय की सोमावार को जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ओपन एपीआई सुविधा के जरिए निर्यातक अपने एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग (ईआरपी), अकाउंटिंग या अन्य व्यावसायिक सॉफ़्टवेयर को डीजीएफटी के सीओओ सिस्टम के साथ सीधे एकीकृत कर सकते हैं। वर्तमान में, निर्यातकों को सीओओ से संबंधित विवरण डीजीएफटी प्लेटफॉर्म पर अलग से दर्ज करने की आवश्यकता होती है, भले ही वही जानकारी उनके व्यावसायिक सॉफ़्टवेयर में पहले से उपलब्ध हो। यह सुविधा निर्यातक के सिस्टम से डीजीएफटी प्लेटफॉर्म पर आवेदन डेटा के इलेक्ट्रॉनिक हस्तांतरण को सक्षम बनाती है, जिससे बार-बार डेटा दर्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है, गलतियां कम होती हैं और आवेदन प्रक्रिया में तेजी आती है।
यह सुविधा वरीयता प्राप्त और गैर-वरीयता प्राप्त दोनों प्रकार के मूल प्रमाण पत्रों को स्वीकार करती है। वरीयता प्राप्त मूल प्रमाण-पत्र मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए), क्षेत्रीय व्यापार समझौतों (आरटीए) और वरीयता प्राप्त व्यापार समझौतों (पीटीए) के तहत जारी किए जाते हैं, जिससे निर्यातकों को आयातक देश में लागू शुल्क रियायतों का दावा करने में मदद मिलती है। गैर-वरीयता प्राप्त मूल प्रमाण-पत्र सीमा शुल्क निकासी, अनुपालन, व्यापार उपचार और अन्य व्यापारिक उद्देश्यों के लिए जारी किए जाते हैं, लेकिन इनमें शुल्क लाभ प्रदान नहीं किए जाते हैं।
