
शाजापुर, सागर के बंडा मेंं जहरीली शराब पीने से दो दर्जन लोगों की मौत हो गई. लेकिन लगता है शाजापुर में भी ऐसी ही किसी घटना होने का इंतजार कर रहा है आबकारी विभाग. कालापीपल के सुभाष नगर एवं रामदेव बल्डी पर व कुछ डेरो पर खुलेआम कच्ची शराब बनाकर धडल्ले से बेची जा रही है. लेकिन दिखावे के लिए आबकारी विभाग एक दो प्रकरण बनाकर मामले की कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर देते हैं. 5 अक्टूबर 2023 को कालापीपल के खरदोनकलां के बाजार से कच्ची शराब पीने वाले तीन लोगों की मौत हो गई थी, इस घटना का समाचार नवभारत ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, लेकिन तत्कालीन आबकारी अधिकारी और शुजालपुर अनुभाग के आबकारी सब इंस्पेक्टर मामला दबा दिया था. जबकि इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई थी, हालांकि मृतक राजगढ जिले के रहने वाले थे, लेकिन जहरीली शराब खरदोनकलां के बाजार से खरीदी गई थी. अभी भी कालापीपल के सुभाष नगर और कई डेरों पर खुलेआम शराब का कारोबार हो रहा है. यदि पुलिस और आबकारी विभाग ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो शाजापुर जिले में भी सागर की घटना की पुनरावृत्ति हो सकती है.
गौरतबल है कि 5 अक्टूबर 2023 को कालापीपल के खरदोनकलां बाजार में जिन तीन लोगों ने जहरीली शराब खरीदी थी और पीकर उनकी मौत हुई थी उस समय आबकारी विभाग के तत्कालीन इंस्पेक्टर सुरेश पटेल ने इन मौत को बीमारी से होना बताया था. जिसमें मृतक में गुलाब सिंह अहिरवार उम्र 50 साल, मुकेश मीणा उम्र 28 साल और तेजसिंह उम्र 40 साल तीनों निवासी खरदोनकलां के थे,हालांकि इस मामले को उस समय दबा दिया गया था. जिले में आज भी कई कंजर डेरे पर खुलेआम अवैध शराब बनाई जा रही है. यदि आबकारी और पुलिस ने संयुक्त रूप से इन अवैध शराब माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की तो सागर व मुरैना जैसी घटनाएं शाजापुर जिले में भी होने से इंकार नहीं किया जा सकता है.
खानापूर्ति के लिए होती है आबकारी की कार्रवाई
जब भी जहरीली शराब से प्रदेश में कोई घटना होती है तो आबकारी विभाग भी दिखावे के लिए कुछ डेरो पर पहुंचकर कार्रवाई करता है. लेकिन यह कार्रवाई केवल औपचारिकता और खानापूर्ति के अलावा कुछ नहीं है, क्योंकि आबकारी विभाग को अवैध शराब और अधिकृत शराब दोनों से अच्छी इंकम होती है. यदि आबकारी विभाग और पुलिस सही मायने में ठान ले तो जिले में एक बोतल भी अवैध शराब ना बन सकती है और ना बिक सकती है.चोरी छिपे लगती है अवैध शराब की मंडी
कालापीपल में रामदेव बल्डी पर सुबह सुबह अवैध शराब की मंडी सी लगती है, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बल्डी पर आसानी से आप बिक्री देख सकते हैं, ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी भनक ना हो, यदि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं तो यह भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक सवालिया निशान है. क्योंकि इस मामले में नवभारत को जो जानकारी प्राप्त हुई है उसके अनुसार कालापीपल क्षेत्र में कइ डेरो पर अभी भी अवैध शराब का कारोबार धडल्ले से चल रहा है. सुभाष नगर कालापीपल का अंतिम गांव है जहां वर्षो से अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है.
