लाल पोटली में छिपा ठगी का खेल!

देवास। घर की बाधा दूर करने और तांत्रिक क्रिया से समस्या का समाधान करने का झांसा… पहले 2100 रुपए लिए और फिर घर पहुंचकर सोने के गहने कथित पूजा-पाठ के लिए लाल कपड़े की पोटली में बंधवा लिए। अगले दिन गहने वापस मिलने का भरोसा दिलाकर महिला को बुलाया गया। कथित तांत्रिक क्रिया पूरी होने के बाद पोटली उसके हाथ में थमा दी गई। महिला घर पहुंची और पोटली खोली तो उसके होश उड़ गए, सोने के गहने गायब थे। जब वह वापस बताए गए ठिकाने पर पहुंची तो वहां ताला लटका मिला।

अंधविश्वास की इसी आड़ में की गई ठगी की शिकायत ने देवास पुलिस को राजस्थान तक दौड़ा दिया। सिर्फ 8 दिन में पुलिस ने 3 हजार किलोमीटर की पड़ताल, 200 से अधिक कैमरों के फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से ठगी के दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपियों की निशानदेही पर करीब 3 लाख रुपए कीमत के सोने के आभूषणों को भी बरामद कर लिया।

2100 रुपए से शुरू हुआ खेल, लाखों के गहनों तक पहुंची ठगी-

त्रिलोक नगर निवासी गीता प्रजापत ने 30 अगस्त को थाना सिविल लाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादिया के मुताबिक आरोपियों ने घर में बाधा होने और तांत्रिक क्रिया के जरिए समस्या दूर करने का झांसा देकर पहले 2100 रुपए लिए। इसके बाद घर पहुंचकर कथित तांत्रिक क्रिया के नाम पर सोने के आभूषण ले लिए। आभूषणों को लाल कपड़े की पोटली में बांधकर अगले दिन वापस करने का भरोसा दिया। महिला को मिश्रीलाल नगर बुलाया गया, जहां आरोपियों ने कथित तांत्रिक क्रिया कर पोटली वापस कर दी, लेकिन घर जाकर पोटली खोलने पर उसमें से सोने के आभूषण गायब मिले। महिला जब वापस मिश्रीलाल नगर पहुंची तो आरोपी वहां से फरार हो चुके थे और उनके ठिकाने पर ताला लगा था।

सीसीटीवी से खुलती गई कड़ियां-

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल और आरोपियों की गतिविधियों से जुड़े 200 से अधिक कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान और लोकेशन तलाशने का काम शुरू किया गया। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस टीम के सामने ठगी की कड़ियां देवास से निकलकर अहमदाबाद (गुजरात) तक पहुंचीं। पुलिस ने पीछा जारी रखा और जांच की दिशा पाली और जोधपुर (राजस्थान) तक जा पहुंची। करीब 3 हजार किलोमीटर की लगातार पड़ताल के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को अभिरक्षा में लिया।

आरोपी के घर से बरामद हुए पूरे गहने-

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम प्रदीप पिता चंपालाल जोशी (36), निवासी पीपाड़ शहर, जिला जोधपुर और विनोद कुमार पिता कैलाशचंद्र जोशी (42), निवासी पीपाड़ शहर, जिला जोधपुर बताया। आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही पर पुलिस ने पाली, राजस्थान स्थित विनोद कुमार के घर से फरियादिया से ठगी कर प्राप्त किए गए सभी सोने के आभूषण बरामद कर लिए।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने के एक जोड़ी टॉप्स, एक जोड़ी कान की झुमकी, एक बड़ा मंगलसूत्र पेंडल, दो छोटे मंगलसूत्र पेंडल, 18 मोती (पारा), 3 मोबाइल फोन सहित करीब 3 लाख रुपए कीमत का माल बरामद किया है।

एसपी ने प्रेसवार्ता में खोला पूरे ऑपरेशन का राज-

पुलिस की इस सफलता की जानकारी देवास एसपी पुनीत गेहलोत ने सोमवार को प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि अंधविश्वास और तांत्रिक क्रिया का झांसा देकर आम लोगों को ठगी का शिकार बनाने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। प्रकरण में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

इनकी रही अहम भूमिका-

कार्रवाई में थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक विजय सिंह लोधी, उपनिरीक्षक लोकेश कुशवाह, उपनिरीक्षक संजय सौराष्ट्रीय, प्रधान आरक्षक पवन पटेल, सुनील देथलिया, आरक्षक हितेश कुशवाह तथा साइबर सेल देवास के प्रधान आरक्षक सचिन चौहान और शिवप्रताप सिंह सेंगर का विशेष योगदान रहा।

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