
प्योंगयांग, 07 सितंबर (वार्ता) उत्तर कोरिया ने अपने नाैसैनिक बेड़े को आधुनिक बनाने और देश की परमाणु प्रतिरोध रणनीति में सक्षम नौसेना विकसित करने की दिशा में 5,000 टन वजनी एक नया विध्वंसक ‘कांग कोन’ शामिल किया है। यह जानकारी सरकारी मीडिया ने सोमवार को दी। कोरियाई सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, पूर्वी बंदरगाह शहर वॉनसन में नौसेना समारोह में उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन शामिल हुए। उन्होंने 5,000 टन वज़न वाले इस जहाज़ को “अनिवार्य रूप से आक्रामक विध्वंसक” और “देश की परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली” का हिस्सा बताया।
श्री किम ने कहा, “नई पीढ़ी के विध्वंसक पोत को दुश्मनों पर घातक जवाबी हमला करना चाहिए।” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह जहाज़ उत्तर कोरिया की परमाणु प्रतिरोध क्षमता में अहम भूमिका निभाएगा। श्री किम ने देश की नौसेना को परमाणु हथियारों से युक्त सेना के रूप में विकसित करने का भी आह्वान किया जो समुद्री सुरक्षा और युद्ध-रोधी क्षमता को मज़बूत करने में सक्षम हो। ‘कांग कोन’ को उत्तर कोरियाई नौसेना के पूर्वी सागर बेड़े में शामिल किया गया है जिससे प्योंगयांग को अपने पूर्वी तट पर एक नया और अहम सतह पर लड़ने वाला युद्धपोत मिल गया है। इसे ‘चो ह्योन’ के बाद कमीशन किया गया है; ‘चो ह्योन’ भी 5,000 टन का एक विध्वंसक पोत है जिसे तीन महीने से भी कम समय पहले पश्चिमी सागर बेड़े में शामिल किया गया था।
‘कांग कोन’ के निर्माण की प्रक्रिया में कई मुश्किलें आईं। मई में एक असफल लॉन्च प्रयास के दौरान पोत पलट गया था लेकिन लगभग एक महीने बाद इसे सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। जुलाई में, उत्तर कोरिया ने कहा कि उसने उत्तर कोरियाई नेता किम की निगरानी में विध्वंसक पोत से पूर्वी सागर में रणनीतिक क्रूज़ मिसाइलों और अन्य हथियारों का परीक्षण किया था। इसके बाद उन्होंने जहाज को दो महीने के भीतर सेना में शामिल करने का निर्देश दिया। श्री किम ने कहा कि उत्तर कोरिया अपनी नौसेना को मज़बूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना लागू करेगा और अगले आठ महीनों में अन्य विकास कार्यों का खुलासा किया जाएगा।
इस घोषणा से यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि प्योंगयांग परमाणु-संचालित पनडुब्बियों और नौसेना के अन्य रणनीतिक संसाधनों को बनाने की योजना पर आगे बढ़ सकता है। उत्तर कोरिया ने अपनी नौसैनिक क्षमताओं को बढ़ाने की व्यापक कोशिश के तहत पहले ही बड़े युद्धपोत बनाने की योजना की घोषणा की है, जिनमें 10,000 टन श्रेणी के जहाज़ भी शामिल हैं। सरकारी मीडिया ने दिसंबर 2025 में ऐसी तस्वीरें भी जारी कीं जिनमें श्री किम को 8,700-टन श्रेणी की परमाणु-संचालित पनडुब्बी की संरचना का निरीक्षण करते हुए दिखाया गया है, जो अभी निर्माणाधीन है।
‘कांग कोन’ को सेवा में तब शामिल किया गया है, जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान, दक्षिण कोरिया के जेजू द्वीप के पूर्व और दक्षिण में अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में पांच दिन का ‘फ्रीडम एज’ सैन्य अभ्यास शुरू कर रहे हैं। उत्तर कोरिया अक्सर ऐसे संयुक्त अभ्यासों की निंदा करते हुए इन्हें युद्ध की तैयारी बताता रहा है। पश्चिमी समुद्र में ‘चो ह्योन’ और पूर्वी समुद्र में ‘कांग कोन’ की तैनाती के साथ, उत्तर कोरिया दोनों तटों पर ज़्यादा सक्षम नौसेना बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है क्योंकि वह अपनी समुद्री सेनाओं को अपनी परमाणु प्रतिरोध रणनीति के साथ और अधिक निकटता से एकीकृत करना चाहता है।
