जबलपुर: अधारताल थाना अंतर्गत कलचुरी कालीन ऐतिहासिक माता महालक्ष्मी धाम पचमठा मंदिर में माता महालक्ष्मी की मूर्ति खंडित कर चोरी की वारदात से श्रद्धालुओं में आक्रोश व्याप्त है। शातिर चोरों की तलाश में थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच, साइबर सेल समेत सात टीमें गठित की गई है। आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की जा रही है लेकिन चोर पुलिस के हाथ नहीं लग सके है। पुलिस संदेहियों को हिरासत मेंं लेकर जरूर पूछताछ कर रही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जायेगा । वारदात के विरोध में माता महालक्ष्मी धाम समिति के बैनर तले आंदोलन तेज कर दिया गया है।
रविवार को मंदिर परिसर में माता महालक्ष्मी धाम के पुजारी कपिल जी महाराज के आव्हान पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई गई। आज अधारताल बंद का आह्वान किया गया है। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। इस दौरान किसी प्रकार के उपद्रव या अशांति के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
बंद के दौरान श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी मौन जुलूस निकालेंगे तथा काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके माध्यम से घटना पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार उपस्थित हुए। उन्होंने घटना से लेकर अब तक हुई पुलिस जांच की जानकारी श्रद्धालुओं के समक्ष रखी। आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी दबोच लिए जाएगे। आंदोलन के पहले दिन रविवार को जनजागरण संपर्क यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से नागरिकों और व्यापारियों से संपर्क कर आंदोलन में सहयोग की अपील की गई।
विदित हो कि अधारताल थाना अंतर्गत जवाहर नगर में प्राचीन लक्ष्मी माता मंदिर है। चोरों ने जन्माष्टी की रात एक से डेढ़ बजे के बीच धावा बोला था। शातिर चोरों ने मंदिर का ताला तोडक़र प्रवेश किया बल्कि दान पेटी का ताला चटकाकर चढ़ावे की नगदी सहित माता रानी के जेवर पार कर दिए थे। मंदिर में स्थापित मां महालक्ष्मी की कल्चुरी कालीन प्रतिमा भी खंडित की गई थी। चोर सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हो गए थे। पुलिस पतासाजी कर रही है लेकिन अब तक पुलिस के हाथ खाली है।
