दो-लेन पूरी नहीं , चार-लेन की तैयारी शुरू

एसके चौहान सलकनपुर। बुधनी से रेहटी होते हुए भैरूंदा (नसरुल्लागंज) तक एनएच-146बी की करीब 47.3 किमी लंबी दो-लेन सड़क परियोजना अभी पूरी भी नहीं हुई है और इसी मार्ग को चार-लेन में विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं. दो-लेन परियोजना की मूल समय-सीमा अक्टूबर 2024 थी, जिसे बढ़ाकर 30 जून 2026 किया गया था. इसके बाद अब एनएचएआई ने परियोजना को अक्टूबर 26 तक का एक्सटेंशन दिया है. विभाग के अनुसार सड़क का करीब 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. दूसरी ओर निर्माण की गुणवत्ता, लागत में वृद्धि और चार-लेन बनने पर मौजूदा निर्माण के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गुणवत्ता संबंधी शिकायतें की हैं. उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने के बाद मरम्मत करानी पड़ी है. जिला पंचायत सदस्य कमलेश यादव ने निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगाते हुए निर्माण सामग्री, गुणवत्ता परीक्षण, अधिकारियों के निरीक्षण और ठेकेदार को किए गए भुगतान की जांच की मांग की है.

ग्राम बांया के पूर्व सरपंच एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रपाल पटेल का कहना है कि सड़क उनके खेत के सामने से गुजर रही है, इसलिए उन्होंने निर्माण कार्य को नजदीक से देखा है. उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर सड़क की निचली परत में मुरम के बजाय खेत की मिट्टी के इस्तेमाल की स्थिति सामने आई. उन्होंने पूरे निर्माण की तकनीकी जांच की मांग की है. वहीं नगर परिषद रेहटी के पूर्व अध्यक्ष रघुवीर सिंह पटेल ने भी इस तरह की शिकायतों की स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

चार-लेन परियोजना आगे बढऩे के साथ सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाल ही में बनी दो-लेन सड़क, पुलिया, कलवर्ट और ड्रेनेज जैसी संरचनाओं का कितना हिस्सा नए प्रोजेक्ट में उपयोग होगा. यदि किसी निर्माण को हटाकर दोबारा बनाना पड़ा तो पहले खर्च हुई सार्वजनिक राशि की जिम्मेदारी किसकी होगी. नई समय-सीमा के साथ इन सवालों के जवाब और निर्माण की तकनीकी जांच पर नजर रहेगी.

चार- लेन के पैकेज पर भी आगे बढ़ा काम

उल्लेखनीय है कि एनएच-146बी को चार-लेन करने की योजना में भी कई पैकेजों पर काम आगे बढ़ चुका है. संदलपुर-नसरुल्लागंज के 43.20 किमी पैकेज-1 का ठेका हो चुका है. बुधनी-शाहगंज बायपास छोर के 28.25 किमी पैकेज-3 का भी ठेका दिया जा चुका है. शाहगंज बायपास छोर से बाड़ी तक 40.357 किमी के पैकेज-4 में भी प्रक्रिया आगे बढ़ी है. वहीं नसरुल्लागंज-बुधनी पैकेज-2 के लिए डीपीआर और व्यवहार्यता अध्ययन चल रहा है.

परियोजना की लागत भी अप्रत्याशित बढ़ी

दो-लेन सड़क की शुरुआती लागत करीब 197.85 करोड़ रुपए थी, जो बाद के सरकारी रिकॉर्ड में बढ़कर 293.74 करोड़ रुपए दर्ज है. लागत बढऩे के कारण और अब तक किए गए भुगतान का विवरण भी सवालों के घेरे में है. पूर्व शिक्षा मंत्री राजकुमार पटेल ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बन रही गुणवत्ताहीन सड़कों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है. यही कारण है कि निर्माण एजेंसियां मनमानी कर रही हैं. उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

शिकायत मिली तो कराएंगे जांच

सड़क की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जाती है. यदि निर्माण को लेकर शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उनकी जांच कराई जाएगी. इस महत्वकांक्षी परियोजना का करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और इसे अक्टूबर 26 तक एक्सटेंशन मिला है.

नीतू पटेल,
एसडीओ

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