जीरापुर। विकास के दावों के बीच जीरापुर ब्लॉक के कालाखेड़ा, पथरिया और मानपुरा गांव आज भी पक्की सडक़ का इंतजार कर रहे हैं. आजादी के 80 साल बाद भी तीनों गांव सडक़ से नहीं जुड़े हैं. बारिश में इनका संपर्क जीरापुर और आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है. सडक़ निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार सोनू गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर 15 दिन का समय दिया है.
ग्रामीणों ने कहा कि इस अवधि में टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो सडक़ पर बैठकर आंदोलन करेंगे. ग्रामीणों का आरोप है कि ग्रामीण सडक़ विकास विभाग के अफसर मामले में ध्यान नहीं दे रहे हैं. अफसरों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार 28 जनवरी को सडकों का सर्वे भी हो चुका है और पोर्टल पर दर्ज है. इसके बावजूद डीपीआर तैयार नहीं हुई और टेंडर प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई. प्रस्तावित सडक़ों में नांदनी से कालाखेड़ा 3.265 किमी, नांदनी से मानपुरा 4.816 किमी और मुण्डी रोड से पथरिया 3.20 किमी शामिल हैं.
बारिश में बच्चों से मरीजों तक की परेशानी
कच्चे रास्तों के कारण बरसात में गांवों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो जाती है.रास्तों पर पानी भरने से संपर्क टूटने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पाते. प्रसूता और मरीजों को भी परेशानी होती है. आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई या ट्रैक्टर-ट्रॉली से मुख्य सडक़ तक पहुंचाना पड़ता है. ग्रामीण रूपसिंह ने बताया कि बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है.
ग्रामीणों ने तहसीलदार के माध्यम से शासन से तीनों सडक़ों की डीपीआर तैयार कर जल्द टेंडर जारी करने और निर्माण शुरू कराने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे करीब 800 ग्रामीणों को आवागमन की समस्या से राहत मिलेगी. ज्ञापन के दौरान इंदर सिंह गुर्जर, घनश्याम, छगन सिंह, लखन, जसवंत सिंह, रूप सिंह, भगवान सिंह, विक्रम सहित ग्रामीण मौजूद रहे.
