ग्वालियर: मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, ग्वालियर के चुनाव में अध्यक्ष पद प्रत्याशी पारस जैन ने आज कहा कि बिजली कंपनी के स्मार्ट मीटर से ज्यादा बिल आ रहे हैं. उन्होंने कहा-स्मार्ट मीटर बिजली उपभोक्ताओं के भरोसे के नहीं हैं । पहले के बिजली मीटर में यदि 1 रुपये बिल आता था तो अब स्मार्ट मीटर से सवा रुपए और डेढ़ रुपए बिल आ रहे हैं। यह स्मार्ट मीटर टेस्टेड मीटर नहीं हैं।
यह पूछे जाने पर कि आप चैंबर चुनाव में व्यापारियों को आश्वस्त करेंगे कि हम स्मार्ट मीटर का विरोध करते हैं और सरकार के समक्ष इसको प्रतिबंधित करने की मांग करेंगे ? भाजपा से जुड़े चैेंबर अध्यक्ष पद प्रत्याशी पारस जैन ने कहा-हम जल्दी ही इस मामले में विद्युत मंत्री प्रधुम्न तोमर से मिलेंगे, फिर भी स्मार्ट मीटर लगना बंद नहीं हुए तो हम मुख्यमंत्री से मिलेंगे । उन्होंने कहा कि जनता की मांग, व्यापारियों की मांग पर हम हमेशा खड़े दिखाई देंगे।
एक अन्य व्यापारिक संस्था कॉन्फेडेरेशन ऑफ ऑल इण्डिया टे्रडर्स (कैट) के राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेंद्र जैन ने कहा-मध्यप्रदेश में बिजली कंपनी के स्मार्ट मीटर में पांच टैरिफ हैं । रेट में वेरिएशन है । इस वजह से उपभोक्ताओं के यहां बिजली बिल ज्यादा आ रहे हैं । उन्होंने कहा कि कैट मांग करती है कि जिस प्रकार से उत्तरप्रदेश में वहां की सरकार ने स्मार्ट मीटर को अनिवार्य नहीं किया है, स्वैच्छिक किया है , उसी प्रकार से मध्यप्रदेश में भी सरकार को स्मार्ट मीटर को स्वैच्छिक करना चाहिए । जो उपभोक्ता स्वेच्छा से स्मार्ट मीटर लगाए , उसके यहां स्मार्ट मीटर लगना चाहिए , जो उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगाना नहीं चाहता , उस पर जोर जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए । भूपेन्द्र जैन ने बताया कि स्मार्ट मीटर में छेड़-छाड़ संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही कैट इस मामले में ऊर्जा मंत्री प्रधुम्न तोमर से भेंट करेगा।
