नयी दिल्ली, 16 मार्च (वार्ता) विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को बेल्जियम में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से मुलाकात की और कहा कि जनवरी में उनकी भारत की राजकीय यात्रा भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
डॉ. जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा कि भारत उनकी यात्रा के परिणामों पर सक्रियता से काम कर रहा है। उन्होंने समकालीन वैश्विक घटनाक्रमों पर उनके दृष्टिकोण की भी सराहना की।
विदेश मंत्री यूरोपीय संघ (ईयू) की उच्च प्रतिनिधि और उपाध्यक्ष सुश्री काजा कल्लास के निमंत्रण पर बेल्जियम की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ब्रुसेल्स पहुंचे हैं, जहाँ वह विदेश मामलों की परिषद की बैठक में यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के साथ बातचीत करेंगे।
विदेश मंत्री का वहाँ यूरोपीय संघ के नेतृत्व और बेल्जियम तथा अन्य यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के अपने समकक्षों के साथ बैठकें करने का कार्यक्रम है। उनकी यह यात्रा ऐतिहासिक 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के तुरंत बाद हो रही है।
इससे पहले, डॉ. जयशंकर ने बेल्जियम के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रिवोट से मुलाकात की और व्यापार एवं निवेश, सेमीकंडक्टर्स, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और नवाचार में भारत-बेल्जियम सहयोग को तेज करने पर चर्चा की। दोनों नेता ‘भारत-बेल्जियम रणनीतिक वार्ता’ स्थापित करने पर सहमत हुए।
रविवार को बेल्जियम पहुंचे डॉ. जयशंकर ने साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस से भी मुलाकात की। दोनों ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की और पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया। यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता संभाल रहे साइप्रस द्वारा भारत-यूरोपीय संघ जुड़ाव को आगे बढ़ाने में दिए जा रहे समर्थन की विदेश मंत्री ने सराहना की।
