माॅस्को, 16 मार्च (वार्ता) रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सोमवार को कहा कि परमाणु अप्रसार संधि का भविष्य गंभीर चिंता का विषय है।
श्री लावरोव ने मॉस्को अप्रसार सम्मेलन के प्रतिभागियों को दिए गए एक वीडियो संबोधन में कहा, “इस वर्ष की चर्चाएँ मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी में गंभीर सैन्य और राजनीतिक संकटों की पृष्ठभूमि में होंगी। परमाणु अप्रसार व्यवस्था का भविष्य गंभीर चिंता का विषय है।” उन्होंने कहा कि व्यापक परमाणु-परीक्षण-प्रतिबंध संधि (सीटीबीटी) के लागू होने की भी अभी तक कोई संभावना नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा परमाणु परीक्षणों को फिर से शुरू करने के निर्देश देने से उनका क्या अभिप्राय था।
रूसी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि रूस को ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल सैन्य संघर्ष में सुधार के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस मध्य पूर्व में शत्रुता को समाप्त करने और बातचीत शुरू करने का आह्वान करता है।
उन्होंने कहा कि जिन देशों ने ईरान पर हमले की योजना बनाई थी, उन्हें उम्मीद थी कि वे एक दिन में देश को जीत लेंगे, लेकिन अब उन्हें एहसास होने लगा है कि वे कितने गलत थे। उन्होंने कहा कि यदि अनुरोध किया जाता है तो रूस ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की सुविधा प्रदान करने के लिए तैयार है और उसके पास इसके लिए आवश्यक क्षमताएं भी हैं।
