मालवा- निमाड़ की डायरी
संजय व्यास
मालवा- निमाड़ की डायरी संजय व्यास। आलीराजपुर जिले की जोबट विधान सभा सीट पर रावत परिवारों में वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है. फिलहाल पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष महेश पटेल (रावत) की पत्नी सेना पटेल यहां से कांग्रेस विधायक हैं. इसके पूर्व 1998 से सुलोचना रावत यहां से 3 बार विधायक चुनीं गईं. उनके बाद पुत्र विशाल रावत उनकी राजनीतिक विरासत सम्हाल रहे हैं. 2021 में विशाल अपनी मां सुलोचना रावत के साथ भाजपा में आ गए थे. आलीराजपुर जिले में पटेल (रावत) परिवार के दबदबे के बीच विशाल रावत जोबट क्षेत्र में लगातार उन्हें चुनौती दे रहे हैं. वर्चस्व की इस लड़ाई में पहली बार 2023 के चुनाव में महेश पटेल परिवार को जीत का स्वाद सेना पटेल के विधायक चुने जाने पर मिला. उन्होंने भाजपा के विशाल रावत को मात दी थी. अपनी हार का बदला लेने विशाल फिर 2028 के चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं. गत चुनाव में रह गई कमियों को दूर कर वे फिर बूथ स्तर तक पार्टी की मजबूती को प्रयत्नशील हैं.
सेना पटेल की सक्रियता
जोबट विधान सभा पर दोबारा कब्जा जमाए रखने के लिए विधायक सेना पटेल अभी से सक्रिय हो चुकीं हैं. वे हर उस कोशिश में लगी हैं, जिससे ग्रामीणों की नब्ज अपने हाथों में थमी रहे. विगत दिनों विकास कार्यों में लापरवाही और उत्पन्न दिक्कतों को लेकर वे सरपंचों के साथ खड़ी हो गईं और उपयंत्री के खिलाफ मोर्चा खोला, वहीं जब ग्राम- फलियों के बाशिंदों ने पहुंच सडक़ें न होने की पीड़ा व्यक्त की तो सेना पटेल ने मौके पर संबंधित अधिकारियों को मौके पर तलब कर लिया. इसी तरह किसी प्रकार के हादसे की जानकारी पर वे तुरंत मदद के लिए पीडि़तों के पास पहुंच जाती हैं. उनकी यह सक्रियता ग्रामीणों को भा रही है.
भोजशाला में पोस्टर, अफसरों में खलबली
उच्च न्यायालय द्वारा भोजशाला को मंदिर घोषित के बाद से धारवासी अति उत्साहित हैं. हिंदुओं के प्रतिदिन पूजा के अधिकार के बाद से श्रद्धालुओं का उमडऩा जारी है. ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों में उस समय खलबली मच गई जब वहां एक पोस्टर चर्चा में आया. दरअसल संध्या आरती के बाद भोजशाला के मुख्य द्वार पर गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध लिखा पोस्टर लगाए जाने से इलाके में हडक़ंप मच गया था. यह जानकारी लगते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भागे-भागे पहुंचे और गेट से पोस्टर हटवा दिया. बताया जाता है कि भोजशाला मुक्ति यज्ञ के संयोजक गोपाल शर्मा पोस्टर लेकर मुख्य गेट पर पहुंचे थे और उसे वहां उसे चस्पा कर दिया था. उनका मानना है कि भोजशाला में गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए. चूंकि भोजशाला पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, ऐसे में इसे देखने आने वालों को गैर हिंदू के तौर पर प्रवेश से नहीं रोका जा सकता
