बिश्केक। सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। SCOशिखर सम्मेलन में पाकिस्तान ने पानी के बंटवारे का मुद्दा उठाया, जिसके जवाब में भारत ने साफ संदेश दिया कि आतंकवाद और सहयोग साथ-साथ नहीं चल सकते। 1960 में हुई सिंधु जल संधि के तहत छह नदियों के पानी का बंटवारा किया गया था। लेकिन किशनगंगा और रैटल जैसी भारतीय जलविद्युत परियोजनाओं को लेकर पाकिस्तान लगातार सवाल उठाता रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। ऐसे में सवाल है—क्या सिंधु का पानी अब भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक दबाव का बड़ा हथियार बन चुका है?
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Sun Sep 6 , 2026
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