सीधी: लगातार बारिश के बाद बढ़ी परेशानियों को लेकर एक्शन में सीधी विधायक हैं। उनके द्वारा नदी-नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहल की गई है। अतिक्रमण से बारिश में कालोनियों में जलभराव की समस्या के निदान हेतु सीधी विधायक ने कलेक्टर को पत्र लिखा है।
लगातार बारिश के बाद सीधी शहर में नदी-नालों के किनारे बने घरों में जल भराव की समस्या को सीधी विधायक रीती पाठक ने काफी गंभीरता से लिया है। जल भराव से लोगों को हुई परेशानियों की जानकारी सामने आने के बाद सीधी विधायक रीती पाठक ने स्वयं मौके पर भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि हिरन नदी के किनारे अतिक्रमण कर काफी संख्या में मकानों का निर्माण हो चुका है।
लिहाजा जल निकासी के लिए यहां कोई स्थल ही मौजूद नहीं है। भ्रमण के दौरान विधायक ने स्थानीय लोगों से भी चर्चा कर जल भराव के दौरान हुई परेशानियों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि लगातार बारिश के चलते हाल ही में हिरन नदी क्षेत्र के दर्जनों घरों में पानी रात करीब 11 बजे घुस गया था। स्थिति यह थी कि मकानों के अंदर घुटने से ऊपर पानी आ जाने के कारण लोगों को पूरी रात जागरण करना पड़ा। जल भराव से घरों में मौजूद काफी सामग्रियां भी नष्ट हो गईं। जल भराव की उक्त समस्या को सीधी विधायक ने काफी गंभीरता से लेते हुए आज कलेक्टर विकास मिश्रा को पत्र लिखा। लिखे गए पत्र क्रमांक 1520 में विधायक ने नालों पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि उनके द्वारा पूर्व में भी पत्र क्र. 1294, दिनांक 20 अप्रैल 2026 के माध्यम से अतिक्रमण के संबंध में पत्राचार किया गया था।
सिवेज सिस्टम निर्माण हेतु कलेक्टर को लिखा पत्र
सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक ने सीधी शहर के सिवेज सिस्टम को लेकर भी कलेक्टर को आज पत्र क्रमांक 1524 लिखा है। पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका सीधी को मिनी स्मार्ट सिटी का दर्जा प्राप्त है किन्तु सिवेज सिस्टम न होने के कारण नगर में अतिवृष्टि के कारण जल भराव की स्थिति बन जाती है। जिससे नगर वासियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विगत दिनों सिवेज सिस्टम निर्माण के प्लान हेतु बाहर से टीम आई थी। जिसके प्रक्रिया की स्थिति कहां तक पहुंंची इसकी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पत्र में कहा गया है कि उक्त विषय को दृष्टिगत रखते हुए नगर पालिका सीधी अंतर्गत सिवेज सिस्टम का निर्माण यथाशीघ्र कराए जाने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जावे
