ग्वालियर: शहर के सबसे व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल ग्वालियर रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार पर पिछले कई दिनों से हो रहे जलभराव की समस्या से आखिरकार यात्रियों को अब इस समस्या से राहत मिली है। नगर निगम ने शनिवार को सुपर सकर
मशीन लगाकर भरे पानी को निकाला।
जानकारी के अनुसार स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक की ओर मुख्य द्वार के ठीक सामने बरसात का पानी कई दिनों से भरा हुआ था। लगभग दो से तीन फीट तक पानी जमा होने से न केवल यात्रियों को आवाजाही में परेशानी हो रही थी, बल्कि वहां स्थित दुकानों और फूड स्टॉल,अशोका होटल,जैन रेस्टोरेंट,पाठक होटल का व्यवसाय भी पूरी तरह ठप पड़ गया था। आसपास की दुकानों के सामने पानी भरने से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे थे। स्थानीय दुकानदारों ने इस संबंध में कई बार नगर निगम के अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मामले को लेकर वार्ड 17 की पार्षद पति किरण धर्मेंद्र वर्मा ने आंदोलन की चेतावनी दी थी। साथ ही नवभारत समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम प्रशासन हरकत में आया।
नगर निगम की टीम शनिवार सुबह सुपर सकर मशीन लेकर मौके पर पहुंची। मशीन द्वारा पाइपलाइन बिछाकर सड़क पर भरे पानी की निकासी शुरू की गई। कई घंटों की मशक्कत के बाद जलभराव को खत्म किया जा सका। पानी निकलने के बाद दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
दुकानदारों का कहना है कि हर बारिश में यही स्थिति बनती है। नाले-नालियों की सफाई न होने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यह समस्या पैदा होती है। हालांकि यह सड़क रेल्वे परिसर में आती है उसके बाद भी रेल्वे प्रसाशन यात्रियों को हो रही इस गंभीर समस्या का समाधान करना उचित नही समझा। पार्षद वर्मा ने यात्रियों यहां कठनाई से निकलता देख निगम प्रसाशन को सचेत किया। उन्होंने निगम से स्थायी समाधान की मांग की है। इस संबंध में किरण धर्मेंद्र वर्मा ने कहा कि जनहित के मुद्दों पर लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
यह रेलवे स्टेशन शहर का मुख्य प्रवेश द्वार है, यहां जलभराव से शहर की छवि भी खराब होती है। निगम को स्थायी ड्रेनेज सिस्टम बनाना चाहिए ताकि हर बार ऐसी स्थिति न बने।
क्षेत्रीय पार्षद वर्मा ने बताया कि इस सराहनीय कार्य में निगमायुक्त और महापौर का पूरा सहयोग रहा।
