बुधनी। सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आने से करीब 65 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की मौत के बाद शव को सुरक्षित रखने के लिए अस्पताल की मर्चुरी में पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं मिले.
जीआरपी पुलिस को स्वयं आइस बॉक्स और बर्फ का इंतजाम करना पड़ा, तब जाकर शव को सुरक्षित रखा जा सका.
ट्रेन हादसे के बाद जीआरपी पुलिस आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को बुधनी सिविल अस्पताल लेकर पहुंची थी. लेकिन मर्चुरी में शव को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त शीतलन व्यवस्था और आवश्यक संसाधन नहीं होने के कारण पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा. आखिरकार जीआरपी ने बाहर से आइस बॉक्स और बर्फ की व्यवस्था की और शव को सुरक्षित रखा गया. मर्चुरी में संसाधनों की कमी का यह पहला मामला नहीं है. पूर्व में भी रेल दुर्घटनाओं में हुई मौतों के बाद शवों को सुरक्षित रखने के लिए मर्चुरी में पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से पुलिस को परेशानी का सामना करना पड़ा है. इतना ही नहीं, पहले मर्चुरी का फ्रीजर खराब होने के कारण शवों की स्थिति खराब होने लगी थी. उस समय भी व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे. सिविल अस्पताल की मर्चुरी की बदहाल व्यवस्था को लेकर नवभारत ने पूर्व में भी इस मामले को गंभीरता से प्रकाशित कर जिम्मेदार विभाग और अस्पताल प्रबंधन का ध्यान आकर्षित कराया गया था. इसके बावजूद शवों को सुरक्षित रखने के पर्याप्त संसाधनों का अभाव बना है.
