जबलपुर: कभी ठंड तो कभी गर्मी तो कभी उमस… इस बदलते मौसम के मिजाज ने शहर के स्वास्थ्य की फिजा में बीते कुछ दिनो से जमकर असर डाला है जिसका नतीजा रहा कि जिला अस्पताल विक्टोरिया, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के साथ शहर के निजी डॉक्टर्स के क्लीनिकों में वायरल के मरीजों की कतारें नजर आ रहीं हैं। ज्यादा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ा है जिस कारण उन्हें बुखार आ रहा है और ये बुखार उतरने में कम से कम 5 दिन ले रहा है। जानकारी के अनुसार जबलपुर के साथ-साथ मंडला, कटनी, डिंडोरी, सिवनी, शहडोल, उमरिया सहित महाकोशल के अन्य शहरों के भी मरीज जिला अस्पताल विक्टोरिया और मेडिकल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
बुखार के साथ गंभीर मरीजों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती भी डॉक्टर्स द्वारा किया जा रहा है जिस कारण अस्पतालों में मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। बच्चों के अलावा वायरल संक्रमण ने युवा वर्ग व बुजुर्गों, महिलाओं को भी अपनी चपेट में लिया है।
विशेषज्ञ डॉक्टर्स ने शहरवासियों को सलाह दी है कि जिनको घर में वायरल है वो घर के सदस्यों से दूर रहें और तत्काल डॉक्टर्स से संपर्क पर इलाज कराएं। इसके साथ ही बाहर के खान पान से बचने भी सलाह दी गई है।
पर्ची काउंटर से डॉक्टर के कक्ष तक भीड़
जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल विक्टोरिया से लेकर मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ी। सुबह ओपीडी शुरू होते ही पर्ची काउंटर से लेकर डॉक्टर के कक्ष तक मरीजों की कतारें लगी रहीं। इन दिनों अस्पतालों में सबसे ज्यादा मरीज बुखार, सर्दी-खांसी, गले में खराश, सिरदर्द और बदन दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक वायरल की चपेट में आ रहे हैं। कई मरीजों में शुरूआत हल्के बुखार और कमजोरी से हो रही है, जो बाद में सर्दी-खांसी के रूप में बढ़ रही है।
तापमान में उतार चढ़ाव बन रहा वजह
विशेषज्ञ डॉक्टर्स की माने तो शहर के तापमान में उतार-चढ़ाव, बदलते मौसम के कारण वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। लोगों को पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने, पर्याप्त आराम करने और साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह भी डॉक्टर्स द्वारा दी जा रही है। और साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाके में सावधानी बरतने कहा जा रहा है।
इनका कहना है-
बदलते मौसम में बच्चों में मौसमी बुखार के कई मामले प्रतिदिन जिला अस्पताल विक्टोरिया की ओपीडी में आ रहे हैं। सामान्यत- पहले ओपीडी मेें 70 से 80 बच्चे इलाज के लिए आते थे लेकिन अब ये संख्या बढ़कर प्रतिदिन की 150 पहुंच चुकी है। इस बुखार को उतरने में कम से कम 5 दिन लग रहे हैं।
डॉ. एसएस दाहिया, शिशु रोग डॉक्टर, जिला अस्पताल।
