इंदौर: जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए दिशा निर्देशानुसार और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तेजी से जारी है. निर्धारित कार्यक्रम अनुसार जिले में आज प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया. प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में दावे आपत्ति प्राप्त करने का कार्य आगामी 22 जनवरी तक चलेगा. इसके लिये जिले में 58 केन्द्र बनाये गये हैं. केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिये बैठने, पेयजल, छाया आदि मूलभूत सुविधाएं की गई हैं.\
यह जानकारी आज कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी शिवम वर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में दी गई. बैठक में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष रोल पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त भारत सरकार के संयुक्त सचिव ब्रजमोहन मिश्रा भी विशेष रूप से मौजूद थे. बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी तथा अपर कलेक्टर नवजीवन विजय पवार, सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव, मास्टर ट्रेनर आर.के. पाण्डे सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस
बैठक में बताया गया कि प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में नो मैपिंग वाले मतदाताओं को नोटिस जारी किए जा रहे हैं. नोटिस के पश्चात उनकी निर्धारित स्थानों पर सुनवाई कर मतदाता सूची में नाम शामिल करने और नहीं करने के संबंध में विधिवत आदेश जारी किया जाएगा. जिले में नो मेपिंग वाले मतदाताओं की संख्या 1 लाख 33 हजार 696 है.राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों को कलेक्टर शिवम वर्मा ने मतदान केन्द्रों की सूची सौंपी.
ये दस्तावेज करना होंगे प्रस्तुत
बैठक में अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि नो मेपिंग वाले मतदाता निर्धारित दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थानों पर अपना दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 से लेकर 1 जुलाई 1987 के बीच जन्म लेने वाले आवेदक को चिन्हित 12 दस्तावेजों में से एक दस्तावेज देना होगा. इसके पश्चात 1 जुलाई 1987 से 2003 के बीच जन्म लेने वाले आवेदक को स्वयं के साथ माता या पिता का दस्तावेज भी देना जरूरी होगा. इसी तरह इसके बाद एक जनवरी 2003 के पश्चात जन्म लेने वाले आवेदक को स्वयं के साथ ही माता-पिता दोनों का भी दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है.
76 अतिरिक्त अधिकारियों की नियुक्ति
बैठक में जानकारी दी गई कि निर्धारित स्थानों पर नोटिस तथा दावा-आपत्ति के निराकरण हेतु 76 अतिरिक्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की गई. अतिरिक्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा सुनवाई हेतु कुल 58 सुनवाई का स्थान नियत किए गए. सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं के लिए समुचित बैठक व्यवस्था की गई है.
