भव्यता से मंदिरों में मनाया गया जन्मोत्सव, रात 12 बजे गूंजे नंद घर आनंद भयो के जयकारे

दमोह।शहर स्थित चारों ओर सभी मंदिरों में शुक्रवार रात 12 बजे पट खुलते ही भगवान का जन्म दिवस मनाया गया। उनका विधिवत पूजन-अर्चन के साथ पंडित रामेश्वर शर्मा, पंडित चंद्र गोपाल पौराणिक, मनोज चनपुरिया ने आरती की।इससे पूर्व सभी भक्त जमकर नृत्य कर श्री कृष्णा और राधे की धुन में लीन रहे। बता दें कि दमोह शहर के हृदय स्थल घंटाघर के समीप श्री देव जानकी रमण बूंदा मंदिर, असाटी वार्ड एक और दो स्थित श्री गौर राधा रमण मंदिर, श्री हनुमानगढ़ी मंदिर, मारवाड़ी मंदिर, पुराना तालाब स्थित जगन्नाथ स्वामी मंदिर, कचेरे मंदिर, ज्वाला माई तिराहा स्थित राधा कृष्ण मंदिर, जटाशंकर धाम, बेलाताल टापू,आम चोपरा स्थित राधा रमण मंदिर, प्यासी मंदिर के अलावा शहर के और भी मंदिरों में विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।हजारों लोगों ने रात 12 बजे पहुंच कर भगवान का जन्म दिवस मनाया। जन्म के अवसर पर मंदिर मथुरा-वृंदावन के रूप में नजर आ रहे थे। भगवान का जैसे ही जन्म हुआ सभी भक्तों ने खड़े होकर जयकारे लगाते हुए आरती में शामिल होकर प्रसाद लिया। भजन-कीर्तन देर सुबह तक मंदिरों में चलता रहा।इस अवसर पर श्री देव जानकी रमन बूंदा बहु मंदिर में सीएसपी एचआर पांडे, टीआई कोतवाली मनीष कुमार, राजस्व निरीक्षक अभिषेक जैन के अलावा भारी संख्या में महिला सहित पुलिस बल मौजूद था।

*देशभर में धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, घर-घर गूंजे नंद घर आनंद भयो के जयकारे*

देश भर में श्री कृष्ण जन्म उत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रत्येक घरों में जन्माष्टमी के दिन सुबह से ही भव्य तैयारियां देखी जा रही थीं।शुक्रवार शाम होते ही सभी के घरों में पूजन-अर्चन विधिवत ब्राह्मणों के द्वारा की गई। सर्वप्रथम भगवान श्री कृष्ण जी का जल, दही, दूध और मक्खन से अभिषेक किया गया। तदोपरांत भगवान को वस्त्र धारण कराकर तिलक वंदन, अक्षत, पुष्प अर्पित कर उन्हें विराजमान किया गया।इसके उपरांत भगवान जी का विधिवत पूजन करते हुए पंडितों ने जन्म के बारे में भक्तगणों को बताते हुए भगवान का जन्म भव्यता के साथ मनाया। भगवान के जन्म पर सभी एक-दूसरे को जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं देते हुए नजर आए।

Next Post

इतिहासकारों की दुनिया में आज भी 'गेटकीपिंग' जारी है, 'सदस्यता कार्ड' से ही मंच पर जगह मिलती है: सीतारणम

Sat Sep 5 , 2026
नयी दिल्ली, 5 सितंबर (वार्ता) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश में इतिहास लेखन के क्षेत्र में विचारधारा विशेष से बंधे विद्वानों द्वारा दूसरी सोच रखने वालों को मान्यता न देने की लम्बे समय से चली आ रही प्रवृत्ति की शनिवार को आलोचना करते हुए कहा कि “पहरेदारी ” का […]

You May Like