
सीहोर। आखिरकार बादलों ने सीहोर पर जमकर मेहरबानी बरसा दी। गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार सुबह तक चलता रहा. दो दिन की झमाझम ने खाली पड़े जलस्रोतों को लबालब कर दिया. शहर की पेयजल व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण जमोनिया जलाशय का जलस्तर 28 फीट के करीब पहुंच गया है, जबकि भगवानपुरा तालाब में 19 फीट पानी जमा हो चुका है. जलाशयों में हुई तेज आवक ने आने वाले दिनों में शहर के पेयजल संकट की चिंता काफी हद तक कम कर दी है.
इस सीजन में अब तक सीहोर तहसील पर बादल सबसे ज्यादा मेहरबान रहे. शुक्रवार सुबह तक करीब डेढ़ इंच बारिश के बाद रात में फिर जोरदार बारिश हुई. शनिवार सुबह तक 53 मिमी पानी और बरसा. इससे सीहोर तहसील में सीजन की कुल बारिश 1017.3 मिमी यानी 40 इंच से अधिक पहुंच गई है. जिले की सामान्य औसत वर्षा 1148.4 मिमी है. शनिवार तक जिले में औसत 797.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है, यानी सामान्य औसत की तुलना में अभी भी करीब 350 मिमी बारिश की कमी है. दो दिन की बारिश से खेतों में भी पानी पहुंचा है. बारिश की कमी से चिंतित किसानों को इससे राहत मिली है. नदी-नालों में भी पानी का बहाव बढ़ा है। हालांकि तेज बारिश के कारण कई जगह खेतों और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बनी.
बारिश से पहले उमस और गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा था. गुरुवार रात मौसम ने अचानक करवट ली और बादल जमकर बरसे. शुक्रवार दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही और रात में फिर तेज बौछारें पड़ीं. शनिवार सुबह तक जारी बारिश ने तापमान नीचे ला दिया. दो दिन की बारिश ने जहां मौसम का मिजाज बदला, वहीं शहर के जलस्रोतों में भी नई जान फूंक दी.
कई तहसीलों में अभी सामान्य से पीछे बारिश
जिले में बारिश का वितरण असमान रहा है. सीहोर के बाद रेहटी में 887 मिमी, भैरुंदा में 851 मिमी, बुधनी में 794 मिमी, आष्टा में 766 मिमी, इछावर में 739 मिमी, श्यामपुर में 733.1 मिमी और जावर में सबसे कम 593 मिमी बारिश दर्ज हुई है. यानी एक तरफ सीहोर तहसील सामान्य बारिश के काफी करीब पहुंच गई है, वहीं जावर समेत कई क्षेत्रों में अभी अच्छी बारिश की जरूरत बनी हुई है.
कैचमेंट में बारिश, जलाशयों में तेज आवक
कैचमेंट क्षेत्र में हुई बारिश का असर सीधे जलाशयों पर दिखाई दिया. बारिश का पानी तेजी से जमोनिया और भगवानपुरा तालाब में पहुंचा. कुछ ही घंटों में जलस्तर बढऩे लगा. जमोनिया का जलस्तर करीब 28 फीट तथा भगवानपुरा का 19 फीट जलस्तर पहुंचने से शहरवासियों के लिए यह बड़ी राहत मानी जा रही है. आगे भी इसी तरह बारिश का दौर जारी रहा तो जलाशयों में और आवक हो सकती है.
