ग्रामीणों के लिए सरकार के संकट से पहले सुरक्षा वाला विकास मॉडल चाहिए : खरगे

नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि किसी भी दल की सरकार को ग्रामीणों को केवल सूखा, बाढ़, फसल खराब होने या चुनाव के समय याद नहीं करना चाहिए बल्कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चत करने वाला विकास मॉडल अपनाना चाहिए।

श्री खरगे ने बुधवार को यहां डॉ.वाईएस राजशेखर रेड्डी अवार्ड-2026 समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिससे ग्रामीण समुदायों को संकट आने से पहले सुरक्षा मिल सके और वे भारत के विकास में भागीदार बन सकें। उन्होंने कहा कि यह पूछा जाना चाहिए कि किसानों को उचित बाजार, ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक आजीविका, महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और आदिवासी समुदायों को प्रौद्योगिकी एवं अवसरों तक पहुंच मिल रही है या नहीं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी और कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन की सोच में समानता थी कि विकास का वास्तविक अर्थ आम लोगों की गरिमा और जीवन में सुधार से है तथा देश की प्रगति का महत्व तभी है जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि डॉ रेड्डी ने गरीबों और वंचितों के लिए स्वास्थ्य, आवास, भूमि, किसानों को मुफ्त बिजली और कृषि ऋण राहत जैसे कदम उठाए थे।

श्री खरगे ने कहा कि ग्रामीण भारत के प्रति कांग्रेस की प्रतिबद्धता उसकी शासन-दृष्टि का महत्वपूर्ण आधार रही है। उन्होंने इंदिरा गांधी के भूमि सुधारों, राजीव गांधी के प्रौद्योगिकी मिशनों, पंचायती राज को सशक्त बनाने तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून और ‘काम के बदले भोजन’ जैसी योजनाओं का उल्लेख किया और कहा कि 1960 के दशक के खाद्य संकट से देश को उबारने में हरित क्रांति की महत्वपूर्ण भूमिका रही और स्वामीनाथन ने ऐसी ‘सदाबहार क्रांति’ की अवधारणा दी, जिसमें उत्पादन बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समुदायों की गरिमा सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि एम.एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन वर्ष 1988 से ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बीच कृषि, आजीविका, महिला सशक्तीकरण और जलवायु अनुकूलन के क्षेत्र में काम कर रहा है।

इस अवसर पर फाउंडेशन को डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एवं डॉ. केवीपी फाउंडेशन की ओर से डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी अवार्ड-2026 प्रदान किया गया। फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने पुरस्कार ग्रहण किया। पुरस्कार के तहत 25 लाख रुपये की नकद राशि दी गई।

 

 

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