
नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) कंपनियों के ट्रेजरी विभाग में एजेंटिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के इस्तेमाल से बेहतर जानकारी के साथ निर्णय लेने में मदद मिल सकती है और नकदी प्रबंधन बेहतर हो सकता है। बाजार अध्ययन एवं निवेश सलाह कंपनी ईवाई की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेजरी विभाग अभी भी अपना 60-70 प्रतिशत समय और संसाधन मैन्युअल और कम महत्व वाले कामों में लगाते हैं। इससे रणनीतिक प्राथमिकताओं पर ध्यान देने की उनकी क्षमता सीमित हो जाती है। स्प्रेडशीट-आधारित ट्रेजरी सिस्टम में अनुमान में अंतर अक्सर 20 प्रतिशत से अधिक होता है, जो अलग-अलग सिस्टम और पुराने तरीकों का उपयोग करके नकदी प्रवाह को प्रबंधित करने की चुनौतियों को उजागर करता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एजेंटिक एआई-सक्षम ट्रेजरी मॉडल 30, 60 और 90 दिनों की अवधि में अनुमान की सटीकता को 90 प्रतिशत तक बेहतर बना सकते हैं, जिससे संगठनों को तेजी से और बेहतर जानकारी के साथ निर्णय लेने में मदद मिलती है। ईवाई का मानना है कि ट्रेजरी प्रौद्योगिकी में भारी निवेश के बावजूद कई संगठनों में महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए स्प्रेडशीट का ही इस्तेमाल होता है। एक परिपक्व ट्रेजरी विभाग नकदी की स्थिति, विदेशी मुद्रा जोखिम, निवेश और नियामक रिपोर्टिंग से जुड़ी 50 से 100 आपस में जुड़ी स्प्रेडशीट को प्रबंधित कर सकता है।
ईवाई की रिपोर्ट के अनुसार, यह संगठनों के लिए वर्कफ़्लो ऑटोमेशन, भरोसेमंद डेटा आधार और एजेंटिक एआई के माध्यम से ट्रेजरी ऑपरेशन्स को आधुनिक बनाने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है। ईवाई इंडिया में पार्टनर हेमल शाह ने कहा, “कई ट्रेजरी टीमें अभी भी स्प्रेडशीट-आधारित प्रक्रियाओं पर बहुत अधिक निर्भर हैं, जबकि संगठन बेहतर पारदर्शिता, चपलता और नियंत्रण की तलाश में हैं। एजेंटिक एआई ट्रेजरी को एक प्रतिक्रियाशील कार्य से एक पूर्वानुमानित और बुद्धिमान ऑपरेटिंग मॉडल में बदलने का अवसर प्रदान करता है।” ईवाई इंडिया के विश्लेषण के अनुसार, जो संगठन डिजिटल बदलाव और वर्कफ़्लो ऑटोमेशन लागू करते हैं, उन्हें शुरुआत ही परिणाम दिख रहे हैं। उसने कंपनियों को एक ट्रेज़री डेटा-लेक बनाने की सलाह दी है जो ईआरपी सिस्टम, बैंकिंग प्लेटफ़ॉर्म, अनुबंध, ईमेल और बाजार की जानकारी से ढांचागत और गैर-ढांचागत डेटा को एक साथ मिलाकर ‘सिंगल सोर्स ऑफ़ ट्रुथ’ के तौर पर काम करता है।
