नयी दिल्ली, 31 अगस्त (वार्ता) भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की अंतरराष्ट्रीय शाखा एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) ने उज्बेकिस्तान की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली एचयूएमओ के संचालक ‘नेशनल इंटरबैंक प्रोसेसिंग सेंटर जेएससी’ (एनआईपीसी) के साथ एक वाणिज्यिक समझौता किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरा रविवार को यह समझौता हुआ। वित्त मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह साझेदारी के बाद वहां जाने वाले भारतीय यात्री स्थानीय क्यूआर कोड ‘यूजेडक्यूआर’ को अपने यूपीआई-सक्षम ऐप से स्कैन करने खरीददारी कर सकेंगे।
यह समझौता भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) और उज्बेकिस्तान के केंद्रीय बैंक (सीबीयू) सहित संबंधित वित्तीय नियामकों से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त होने के बाद किया गया है। इन नियामकों ने एचयूएमओ को सीमा-पार मर्चेंट भुगतान स्वीकार करने के लिए एनआईपीएल के अधिकृत साझेदार के रूप में नामित किया है।
वित्त मंत्रालय का कहना है कि इससे भारतीय पर्यटक, कारोबारी यात्री और विद्यार्थी के लिए विदेशी मुद्रा पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क की समस्या कम होगी। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय कार्ड या नकदी पर निर्भरता भी घटेगी।
देश के बाहर भारतीय यूपीआई की स्वीकार्यता अब दस देशों में हो गयी है। यूपीआई को वर्तमान में सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका, कंबोडिया और यूनान में स्वीकार किया जाता है। इससे भारतीय यात्रियों को विदेशों में यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने में आसानी होती है।
