मॉस्को 01 फरवरी (वार्ता) काला सागर में दिसंबर में टैंकर के मलबे के बाद 178,000 टन से अधिक तेल उत्पाद एकत्र किए गए हैं और प्रतिदिन 970 किलोमीटर से अधिक तट का सर्वेक्षण किया जाता है।
रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बयान में कहा ‘काला सागर में 6,400 वर्ग किलोमीटर से अधिक का सर्वेक्षण किया गया है, प्रतिदिन 184 वर्ग किलोमीटर और 50,715 वर्ग मीटर को सोरबेंट से उपचारित किया गया है। मंत्रालय के गोताखोर समूह वाइटाज़ेवो घाट क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे हैं और तेल उत्पाद एकत्र कर रहे हैं। कुल मिलाकर, 178,000 टन से अधिक एकत्र किया गया है। विशेष संगठन दूषित मिट्टी का निपटान कर रहे हैं।’
बयान में कहा गया है कि क्रास्नोडार क्षेत्र में 265 किलोमीटर तक के क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा रहा है जिसमें टेमर्युकस्की जिले में केप पनागिया से लेकर अनापा शहर के केंद्रीय समुद्र तट तक तट पर मामूली तेल रिसाव का पता चला है। इसके अलावा लगभग 177,000 टन को हटा दिया गया है और 136,000 से अधिक को अस्थायी भंडारण स्थल पर ले जाया गया है।
बयान में कहा गया है ‘अस्थायी भंडारण स्थल पर कंपन प्रणाली का उपयोग करके दूषित रेत को साफ किया गया है। इस तरह से 13,000 टन से अधिक रेत को साफ किया गया है।’ इसी समय पिछले दिन क्रीमिया में लगभग 543 किलोमीटर तट का सर्वेक्षण किया गया है जिसमें ड्रोन और नौसैनिक जहाजों का उपयोग करके निगरानी की गई है। 208 किलोमीटर से अधिक तट को साफ किया गया है और 630 टन से अधिक दूषित रेत और मिट्टी एकत्र की गई है। सेवस्तोपोल शहर से 615 टन से अधिक प्रदूषित रेत और मिट्टी भी एकत्र की गई है और निर्यात की गई है। आपदा से उबरने के प्रयासों में करीब 5,000 लोग और 600 से ज़्यादा उपकरण शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि गत 15 दिसंबर को दो रूसी ईंधन तेल से लदे टैंकर वोल्गोनेफ्ट-212 और वोल्गोनेफ्ट-239 तूफान के दौरान केर्च जलडमरूमध्य में नष्ट हो गए। टैंकरों में से एक दो हिस्सों में बंट गया। सत्ताईस नाविकों को निकाला गया उसमें से एक की मौत हो गई।
रूसी परिवहन मंत्रालय ने अनुमान लगाया कि लगभग 2,400 टन तेल उत्पाद समुद्र में लीक हो गए थे। रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र में संघीय पर्यावरण आपातकाल घोषित किया गया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे पर्यावरणीय आपदा कहा है।
मंत्रालय ने कहा कि गत 10 जनवरी को टैंकर वोल्गोनेफ्ट-239 के स्टर्न में दरार से ईंधन तेल लीक हो गया जो क्रास्नोडार क्षेत्र में तमन बंदरगाह के पास फंस गया था। अधिकांश तेल उत्पादों को तीन दिनों में एकत्र किया गया था।
