मोतिहारी, 26 जून (वार्ता)बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 47वीं बटालियन ने अवैध रूप से भारत में रह रही दो उज्बेकिस्तानी महिला नागरिकों को उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वे मैत्री ब्रिज के रास्ते नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रही थीं। प्रारंभिक जांच में दोनों के पास वैध यात्रा एवं आव्रजन दस्तावेज नहीं मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
यह कार्रवाई हरैया थाना क्षेत्र स्थित कस्टम चौक के पास नियमित जांच अभियान के दौरान की गई। एसएसबी जवानों को दोनों महिलाओं की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि वे काफी समय से बिना वैध अनुमति भारत में रह रही थीं और अब नेपाल जाने का प्रयास कर रही थीं।
गिरफ्तार महिलाओं की पहचान 32 वर्षीय मखफूजा देखकोनोवा (फरगना, उज्बेकिस्तान) और 35 वर्षीय मफतुना किलिचेवा (समरकंद, उज्बेकिस्तान) के रूप में हुई है। एसएसबी ने आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों को आगे की कार्रवाई के लिए हरैया थाना पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों महिलाएं भारत में कब और किस माध्यम से दाखिल हुईं, किन-किन राज्यों में रहीं तथा उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। जांच में इस पहलू को भी खंगाला जा रहा है कि कहीं इस मामले के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, अवैध आव्रजन रैकेट या मानव तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
हरैया थानाध्यक्ष किशन पासवान ने बताया कि दोनों विदेशी नागरिकों से गहन पूछताछ की जा रही है। उनके पासपोर्ट, वीजा और अन्य दस्तावेजों का संबंधित एजेंसियों से सत्यापन कराया जाएगा। मामले में विदेशी नागरिक अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
भारत-नेपाल की खुली सीमा को देखते हुए यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। वहीं, जांच के नतीजे आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह केवल अवैध प्रवास का मामला है या इसके पीछे किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की भूमिका भी है।
