चेन्नई, नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर ग्लेशियर पिघलने से आई भयंकर बाढ़ और भूस्खलन में फंसे तमिलनाडु के यात्रियों को सुरक्षित वापस ले आया गया है। एयरपोर्ट पर पहुंचे बचे हुए लोगों ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि कैसे उनकी आंखों के सामने सुनामी जैसी 70 से 80 फीट ऊंची चट्टानें और कीचड़ की लहरें दौड़ पड़ी थीं, जिससे उन्होंने बड़ी मुश्किल से भागकर अपनी जान बचाई।
तमिलनाडु सरकार और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विशेष निर्देशों पर मंत्रियों के एक उच्च स्तरीय दल ने दिल्ली में डेरा डालकर केंद्र सरकार और भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित किया। इसी त्वरित कूटनीतिक और प्रशासनिक पहल के चलते पहले चरण में नेपाल से 21 तमिल नागरिकों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित दिल्ली और फिर चेन्नई लाया गया है।
लापता लोगों की तलाश और राहत अभियान जारी
इस प्राकृतिक आपदा के कारण अभी भी कई अन्य नागरिकों और पर्यटकों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिन्हें ढूंढने के लिए राहत और बचाव दल लगातार जुटे हुए हैं। तमिलनाडु सरकार ने स्पष्ट किया है कि नेपाल में फंसे राज्य के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षित वतन वापसी तक यह रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी मुस्तैदी से जारी रहेगा।

