
उन्होंने कहा कि आज भी जिम और रनिंग के अलावा वह सप्ताह में कम से कम दो दिन खेलों के लिए जरूर निकालते हैं। उनके अनुसार, खेलों ने उन्हें यह सीख दी है कि जिंदगी में हर बार जीत संभव नहीं होती और सफलता की तरह असफलताओं को भी संतुलन के साथ स्वीकार करना चाहिए। ‘यादें’ में डॉ. देव मेहता की भूमिका निभा रहे इकबाल खान ने बॉक्सिंग को अपना पसंदीदा खेल बताया। उन्होंने कहा कि बॉक्सिंग शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर चुनौती देती है। इसका अनुशासन और फोकस उन्हें खास तौर पर पसंद है। उनके मुताबिक, बॉक्सिंग उन्हें सक्रिय रहने, तनाव कम करने और दिमाग को स्थिर रखने में मदद करती है।
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में शनाया का किरदार निभा रहीं मुस्कान बामने ने बैडमिंटन के प्रति अपनी पसंद जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह खेल लगातार मूवमेंट में रखता है और इतना तेज व एनर्जेटिक है कि खेलते समय एक्सरसाइज करने जैसा महसूस नहीं होता। उनके अनुसार, व्यस्त दिन के बाद बैडमिंटन उन्हें सक्रिय रहने के साथ-साथ रिलैक्स होने का भी मौका देता है। इसी शो में अश्विन का किरदार निभा रहे समरिध बावा ने क्रिकेट को सक्रिय रहने के अपने पसंदीदा तरीकों में से एक बताया। उन्हें टेबल टेनिस खेलना भी पसंद है। उन्होंने कहा कि टेबल टेनिस तेज गति और लगातार सतर्क रहने की जरूरत के कारण उन्हें खास पसंद है। दोनों खेल उनकी फिटनेस को मजेदार बनाए रखते हैं।
‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में चिराग की भूमिका निभा रहे नितिन बाबू ने फुटबॉल को अपने दिल के करीब बताया। उन्होंने कहा कि जब भी मौका मिलता है, वह फुटबॉल खेलना पसंद करते हैं। उनके अनुसार, यह उन्हें सक्रिय रखने के साथ उनकी प्रतिस्पर्धात्मक भावना को भी सामने लाता है। उन्होंने कहा कि फुटबॉल उन्हें वर्कआउट की बजाय मनोरंजन जैसा लगता है, जिससे खेल का आनंद लेते हुए फिट रहना आसान हो जाता है। राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर कलाकारों की ये बातें बताती हैं कि खेल फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और संतुलन बनाए रखने का भी प्रभावी माध्यम हो सकते हैं।
