ग्वालियर: भगवान का भजन करने के लिए तन और मन से स्वस्थ रहना जरूरी है। जब शरीर स्वस्थ होगा और मन में प्रसन्नता होगी तो भगवान के भजन में भी मन लगेगा। हम स्वस्थ तभी रह पाएंगे जब हमारा भोजन शुद्ध और सात्विक होगा। यदि हम अभक्ष पदार्थों को खाकर बीमार पड़कर अस्पताल जाते हैं तो ये भी नरक ही है, इसलिए भोजन में भी संयम रखें, जिससे भगवान के भजन में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो। यह विचार पं भूपेंद्र मुद्गल ने कांचमिल नवीन पार्क में आयोजित हो रही श्रीशिवपुराण कथा के विश्राम दिवस शनिवार को व्यक्त किए। इस मौके पर श्रीगणेशजी एवं कार्तिकेय स्वामी के जन्म की कथा सुनाई गई।
पं मुद्गल ने शाकाहार का संदेश देते हुए कहा कि जीव हत्या महापाप है। स्वयं भी इसका ध्यान रखेें और अन्य लोगों को भी शाकाहार के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि आप जीवन में पापकर्म करते हैं तो कितना ही पूजापाठ कर लो, आप अपने लिए नरक का ही रास्ता बना रहे हैं। जिस तरह हजारों तारे भी जगत को जितना प्रकाशवान नहीं कर पाते हैं, उतना एक अकेला सूरज कर देता है, इसलिए जीवन में ऐसे सत्कर्म करेें कि जीवन में सूरज की तरह आपकी चमक फैले। उन्होंने कहा कि माता पिता और गुरू का आशीर्वाद, जिसके पास होता है, उसकी ध्वजा चहुं ओर फहराती है। इसलिए गुरू के बताए मार्ग पर चलकर अपना कल्याण करें। माता-पिता को कभी दुखी न करें, क्योंकि उनके आशीर्वाद के बिना जीवन में सुख शांति नहीं आ सकती है। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के भाई सतेंद्र तोमर, अशोक प्रेमी, उमेश सिंह कुशवाह, पं धमेंद्र मुद्गल, रघुराज सिंह भदौरिया सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
