ट्रम्प की ‘बड़ी आर्थिक कार्रवाई’ की चेतावनी के बाद ईरान बड़े वित्तीय दबाव के लिए तैयार

तेहरान, 21 अगस्त (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरान के खिलाफ ‘बड़ी आर्थिक कार्रवाई’ शुरू करने की धमकी के बीच, देश के सैन्य नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि उसके सशस्त्र बल किसी भी पारंपरिक या उभरते खतरे का ‘विनाशकारी’ जवाब देने के लिए तैयार हैं।

आर्तेश (ईरानी सेना) के कमांडर मेजर जनरल अब्दुलरहीम अब्दुल्लाही ने राष्ट्रीय रक्षा उद्योग दिवस के अवसर पर जारी संदेश में कहा कि सेना थल, जल, नभ और साइबर क्षेत्रों में आधुनिक तैयारियों से लैस है।

उन्होंने कहा कि ईरान के विरोधियों की ओर से की गयी किसी भी ‘गलतफहमी’ का जवाब ‘क्रांतिकारी, भीषण, पछतावे पर मजबूर करने वाले और विनाशकारी’ हमले से दिया जायेगा।

कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद माजिद इब्न अल-रजा ने आर्थिक स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध पर जोर दिया और कहा कि ईरान का रक्षा उद्योग उसकी सैन्य प्रतिरोध क्षमताओं का एक मुख्य स्तंभ बन गया है।

इस बीच, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालीबाफ ने ‘अन्यायपूर्ण प्रतिबंधों’ का मुकाबला करने के लिए ईरान और इराक के बीच घनिष्ठ आर्थिक सहयोग का आह्वान किया।

बगदाद में ईरानी और इराकी कारोबारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान और बगदाद को अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने और अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं का उपयोग कर व्यापार बढ़ाने के लिए तंत्र विकसित करना चाहिए।

श्री गालीबाफ ने तर्क दिया कि पारंपरिक सैन्य साधनों के माध्यम से ईरान-इराक को हराने में विफल रहने के बाद अमेरिका-इजरायल ने ‘मानसिक और आर्थिक युद्ध’ का रुख किया है। उन्होंने व्यापारिक नेताओं से कहा कि वे अब आर्थिक युद्ध के मैदान में ‘सिपाही और कमांडर’ हैं।

ये टिप्पणियां ऐसे समय में आयी हैं, जब ईरान ने घोषणा की है कि उसने ओमान के साथ प्राथमिकता वाले व्यापार समझौते (पीटीए) को अंतिम रूप दे दिया है, हालांकि मस्कट ने अभी तक इस सौदे की पुष्टि नहीं की है।

इस समझौते को अभी भी ईरान की संसद और अन्य अधिकारियों से मंजूरी की आवश्यकता है।

यह घोषणा ट्रम्प के उस बयान के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि महीनों के सैन्य टकराव के बाद अमेरिका अब ईरान के खिलाफ ‘भीषण आर्थिक कार्रवाई’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को कहा कि ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव अमेरिका का ‘सबसे कारगर हथियार’ है। वहीं वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन ‘दुनिया के इतिहास में सबसे बड़ा समन्वित आर्थिक अलगाव’ लागू करने जा रहा है।

उन्होंने अन्य देशों को चेतावनी दी कि उन्हें यह चुनना होगा कि वे ‘हमारे साथ हैं या हमारे खिलाफ’।

यह आर्थिक दबाव ऐसे समय में सामने आ रहा है, जब ओमान और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के संभावित संयुक्त नियंत्रण पर चर्चा की है, जिसमें इस जलमार्ग का उपयोग करने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है।

इस कदम ने अमेरिका को नाराज कर दिया है, क्योंकि ट्रम्प प्रशासन युद्ध खत्म करने के समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है।

ईरान के व्यापार संवर्धन संगठन ने ओमान समझौते को व्यापार कूटनीति और बेहतर रसद के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के व्यापक प्रयास के हिस्से के रूप में वर्णित किया।

अमेरिका के बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच ईरान गैर-तेल निर्यात बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग गहरा करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी सिलसिले में वह तुर्की के साथ रियायती व्यापार वार्ता करने के साथ-साथ बगदाद एवं अंकारा के साथ सीमावर्ती बाजारों को फिर से खोलने और पूरे क्षेत्र में अपने वाणिज्यिक केंद्रों का विस्तार करने में जुटा है।

 

Next Post

जन विश्वास अभियान के तहत हनुमना में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों का निरीक्षण

Fri Aug 21 , 2026
हनुमना, मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह,पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत , उप पुलिस महानिरीक्षक हेमंत सिंह चौहान, कलेक्टर संजय कुमार जैन ने हनुमना क्षेत्र में विभिन्न शासकीय संस्थानों एवं व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया. अधिकारियों ने आमजन को बेहतर शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराने तथा संस्थानों […]

You May Like