चुरहट तक ट्रेन के ट्रायल के साथ शुरु हुये श्रेय लेने के दावे

सीधी। चुरहट तक ट्रेन के ट्रायल के साथ श्रेय लेने के दावे शुरु हो गये। सीधी से गुजरने वाली ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना के तहत चुरहट तक सफल हुए ट्रेन के ट्रायल के बाद राजनैतिक गलियारों में चर्चाएं शुरु हो गई हैं।

सीधी को जोडऩे वाली ललितपुर-सिंगरौली रेल लाईन की मूल आधारशिला वर्ष 1982-83 में तत्कालीन केन्द्रीय सरकार और रेलवे मंत्रालय द्वारा रखी गई थी। हालांकि लम्बे समय तक ठप्प रहने के बाद वर्ष 2016 में इसे नये सिरे से गति दी गई और निर्माण कार्यों को दोबार हरी झण्डी मिली। ललितपुर से सिंगरौली तक की कुल रेल परियोजना करीब 541 किलोमीटर लम्बी है। वर्तमान में रीवा-सीधी-सिंगरौली खण्ड पर काम तेजी से चल रहा है और चुरहट तक ट्रेन का ट्रायल भी पूरा हो चुका है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व.अर्जुन सिंह ने विंध्य और बुंदेलखण्ड क्षेत्र के पिछड़ेपन को दूर करने के लिये ललितपुर-सिंगरौली रेल परियोजना को धरातल पर लाने में बेहद निर्णायक और ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी। अर्जुन सिंह ने इस बात को गहराई से महसूस किया था कि विंध्य विशेषकर सीधी, सिंगरौली, रीवा और बुंदेलखण्ड क्षेत्र में रेलवे नेटवर्क न होना सबसे बड़ी बाधा है। उनके निरंतर प्रयासों और पैरवी के चलते ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना को वर्ष 1997-98 के केन्द्रीय रेल बजट में शामिल कर मंजूरी दिलाई गई।

सीधी संसदीय क्षेत्र के पूर्व सांसद गोविंद मिश्रा ने अपने कार्यकाल 2009-2014 में सीधी-सिंगरौली क्षेत्र को रेल नेटवर्क से जोडऩे महत्वपूर्ण प्रयास किये थे। उनके प्रयासों से विशेष बजट आवंटन भी हुआ। वहीं पूर्व सांसद और वर्तमान सीधी विधायक श्रीमती रीती पाठक द्वारा रीवा-सिंगरौली रेलवे लाइन निर्माण को धरातल में उतारने में विशेष भूमिका निभाई। उनकी सक्रियता और संसद में लगातार मांग के चलते रीवा जिले के गोविंदगढ़ से रेलवे ट्रैक का निर्माण तेजी के साथ शुरू हुआ। उन्होंने 17 मार्च 2020 को नियम 77 के तहत सरकार से अनुरोध किया था कि इस रेल लाइन के काम की गति बढ़ाने के लिये आवश्यक निर्देश जारी किये जाएं।

वर्तमान सीधी सांसद डॉ.राजेश मिश्रा के प्रयासों से सीधी जिले में बघवार, रामपुर नैकिन के बाद चुरहट रेलवे स्टेशन का रेल का सफल ट्रायल हो चुका है, कुछ महीने के अंदर ही जिला मुख्यालय सीधी तक रेल के आने की राह प्रशस्त होगी।

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चुरहट तक पहुंची रेल, यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, पूरे विंध्य की उपलब्धि है: डॉ.अनूप

समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ.अनूप मिश्रा का कहना है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का सपना कई दशकों से देखा जा रहा था। यह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है। जनता पार्टी सरकार के समय सांसद लक्ष्मीनारायण नायक ने तत्कालीन रेल मंत्री मधु दंडवते के समक्ष इसके सर्वे की मांग उठाई। मध्यप्रदेश में सुंदरलाल पटवा के मुख्यमंत्री रहते भी इस रेल परियोजना के लिए विधानसभा स्तर पर प्रस्ताव/संकल्प का उल्लेख मिलता है। इसके बाद कुंवर अर्जुन सिंह, गोविंद मिश्रा, रीती पाठक सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर इस मांग को आगे बढ़ाया। सभी ने अपने-अपने स्तर पर प्रयास किए। आज उसी लंबे संघर्ष और प्रयास का परिणाम है कि ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन चुरहट तक पहुंच चुकी है और अब सीधी तक ट्रेन आने की उम्मीद और मजबूत हुई है। सीधी सांसद डॉ.राजेश मिश्रा ने एक संकल्प लिया था कि जब तक सीधी में ट्रेन नहीं आएगी, मैं माला नहीं पहनूँगा। यह एक प्रतीकात्मक संदेश है, लेकिन इसके पीछे उनका दृढ़ संकल्प और लगातार प्रयास दिखाई देता है। ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन किसी एक व्यक्ति की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह कई दशकों से जनता की मांग रही है और अनेक जनप्रतिनिधियों ने इसके लिए प्रयास किए हैं। इसलिए आज जब चुरहट तक ट्रेन पहुंची है तो उन सभी लोगों को साधुवाद मिलना चाहिए जिन्होंने कभी न कभी, किसी न किसी रूप में इसके लिए प्रयास किया-चाहे वह प्रयास दिखने वाला रहा हो या पर्दे के पीछे।

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