सिंगरौली : जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में पेपर लेस ऑन लाइन पर्ची काटी जा रही है, लेकिन मरीजो को इसकी सुविधा नही मिल पा रही है। मरीज चिकित्सको के इंतजार में भटकते नजर आ रहे हैं। इनकी कोई खोजखबर लेने वाला नही है। हालांकि अभी ट्रायल बताया जा रहा है।दरअसल जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में पेपर लेस ऑन लाइन ओपीडी पिछले 15 अगस्त से ट्रायल के रूप में शुरूआत की गई है। बताया जा रहा है कि इसका विधिवत स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शुभारंभ किया गया है, लेकिन मरीजो को इस ट्रायल में भी कोई सुविधा या पेपर लेस का लाभ नही मिल पा रहा है।
कई चिकित्सक भी बताते हैं कि जब संसाधन ही उपलब्ध नही कराए गये हैं, तो ट्रायल ही ट्रायल है। महज इसे खानापूर्ति माना जा रहा है। इसमें चिकित्सको की लापरवाही या उदासीनता नही मानी जाएगी, बल्कि शासन-प्रशाासन की कमी मानी जाएगी। ट्रायल के नाम पर ही दो-चार टैब ही उपलब्ध करा देना चाहिए था, ताकि आगामी दिनों के लिए पूरी तरह से प्रशिक्षित हो जाते, परंतु ऐसा नही हुआ है। ओपीडी में कितने मरीजो के ऑन लाइन पर्चियां कट रही हैं, चिकित्सको के पास कोई आंकड़ा नही है। हालांकि पर्चियां पेपर लेस ऑनलाइन काटी जा रही हैं और मरीज चिकित्सको का घंटो इंतजार करते थक जाते हैं।
तीन दर्जन मरीजो को नही हुआ अब तक परीक्षण
जानकारी के अनुसार जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर बैढ़न में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को पेपर लेस ऑनलाइन ओपीडी की शुरूआत हुई। जिला चिकित्सालय के सूत्र बताते हैं कि 15 अगस्त से लेकर अब तक करीब तीन दर्जन से अधिक एचएमआईएस में पेपर लैस पर्चियां ऑन लाइन की गई हैं, लेकिन इन मरीजो का अभी तक कोई खोजखबर लेने वाले नही हैं, बल्कि मरीज इस बात के इंतजार में है कि कब चिकित्सक का बुलावे का मैसेज आएगा। मरीजो को यह भी नही बताया जा रहा है कि ऑन लाइन पेपर लैस बता दिया जा रहा है। जबकि ट्रायल में ही मरीजो को इन सब बातो का साझा करना चाहिए।
नवम्बर महीने में स्वास्थ्य सेवको को उपलब्ध होंगे दो-दो टैब
जानकारी के अनुसार एचएमआईएस पेपर लेस ओपीडी में अभी ट्रायल चल रहा है। 15 अगस्त को इसका शुभारंभ किया गया था। बताया जा रहा है कि जिला चिकित्सालय के चिकित्सको के साथ-साथ स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्निशियन, रेडियो ग्राफर ऑपरेटर को दो-दो टैब मुहैया कराया जाएगा। साथ ही अभी सभी स्वास्थ्य सेवको के आईडी संग्रहित किये जा रहे हैं, ताकि आने वाले दिनों में मरीजो को भटकना ना पड़े। इधर चर्चा इस बात की है कि ट्रायल के दौरान कुछ चिकित्सको को टैब उपलब्ध कराना चाहिए था, तभी तो इसका परिणाम दिखेगा। कहां पर क्या कमियां, वह कैसे दूर होगी, और यह कौन सा ट्रायल है जब चिकित्सको को टैब समेत अन्य उपकरण उपलब्ध नही कराए गये हैं,ऐसे में ट्रायल भी महज खानापूर्ति दिख रहा है।
इनका कहना:-
नवम्बर महीने में संबंधित स्वास्थ्य सेवको को दो-दो टैब उपलब्ध कराया जाएगा। 15 अगस्त से पेपर लैस ओपीडी ट्रायल में है।
डॉ. कल्पना रवि
सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय बैढ़न
