जबलपुर:प्रत्येक नगरीय निकाय अपने क्षेत्र में नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। विशेष रूप से कचरे के स्रोत स्तर पर पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन प्रसंस्करण एवं वैज्ञानिक निपटान की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जाए। यह बातें संभागायुक्त धनंजय सिंह ने कहीं । उन्होंने स्वच्छ एवं स्वस्थ शहरों के निर्माण में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका के दृष्टिगत सभी निकायों को निर्धारित मानकों के अनुरुप समय सीमा में कार्य करने एवं नागरिकों की सहभागिता को भी बढ़ावा देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। साथ ही विभागीय अधिकारी अपशिष्ट प्रबंधन संबंधी गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग एवं सघन समीक्षा सुनिश्चित करें। नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियमों के क्रियान्वयन की समुचित मॉनिटरिंग के लिए मापदंड बिंदुओं का निर्धारण भी किया जाए।
साथ ही डैश बोर्ड माध्यम से अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने निर्देशित किया।संभागायुक्त धनंजय सिंह की अध्यक्षता में विगत दिन कलेक्ट्रेट सभागार में नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन, नियमों के प्रावधानों के सम्बन्ध में नगरीय निकायों की आयोजित कार्यशाला सह समीक्षा बैठक में विस्तृत समीक्षा की गई। कार्यशाला में नवीन ठोस प्रबन्धन नियम-2026 के प्रमुख प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यशाला सह समीक्षा बैठक में कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने बल्क वेस्ट जनरेटर के पंजीयन, स्पॉट फाइन, कचरा संग्रहण और प्रसंस्करण जैसे प्रमुख पहलुओं पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि जिले में 100 किलोग्राम या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाले, 20 हजार वर्ग मीटर से अधिक फ्लोर एरिया वाले अथवा अत्यधिक जल खपत वाले भवनों को बल्क वेस्ट जनरेटर माना गया है और अब तक ऐसे 286 संस्थानों का पंजीयन किया जा चुका है। बैठक में उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों, सम्भावित समाधान तथा नवाचारों पर भी विचार विमर्श किया गया।
मॉनिटरिंग के निर्देश
संभागायुक्त ने विभागीय अधिकारियों को नवीन नियमों की गाइड लाइन अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर पंजीयन, स्पॉट फाइन आदि की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नवीन अवशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रशासकीय प्रयासों के साथ-साथ जन सहभागिता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को जन जागरूकता अभियान चलाने तथा स्वच्छता संबंधी व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।
शिकायतों का त्वरित समाधान हो
समीक्षा के दौरान नगर निगम आयुक्त अहिरवार ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कचरे के स्रोत पर पृथक्करण, शत-प्रतिशत संग्रहण, प्रसंस्करण, खुले में कचरा जलाने पर रोक और शिकायतों के त्वरित समाधान पर कार्य किया जा रहा है। बैठक में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार सहित जिले के सभी नगरीय निकायों से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
