जबलपुर: हाईकोर्ट ने जबलपुर के मास्टर प्लान 2047 को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट के पूर्व आदेश के बावजूद मास्टर प्लान प्रकाशित नहीं होने पर नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के आयुक्त-कम-संचालक कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया गया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ अवमानना मामले में सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिये है।
मामला क्रेडाई जबलपुर बिल्डर्स एसोसिएशन के दीपक अग्रवाल की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। क्रेडाई की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार उपाध्याय ने पक्ष रखा। मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी। फिलहाल, कोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है।
दरअसल क्रेडाई ने मास्टर प्लान 2047 को लेकर याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने 18 अप्रैल को संबंधित आवेदन पर आठ सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया था। याचिकाकर्ता के अनुसार आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों को 18 मई 2026 को दे दी गई थी। इसके बावजूद आदेश का पालन नहीं हुआ, जिसके बाद यह अवमानना का मामला दायर किया गया। सुनवाई दौरान बताया गया कि मास्टर प्लान तैयार हो चुका है और उसे राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेजे जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद मास्टर प्लान प्रकाशित नहीं होने का आरोप लगाया गया। 20 अगस्त की सुनवाई में हाईकोर्ट के समक्ष आदेश के अनुपालन की स्थिति रखी गई। इस पर एकलपीठ ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के आयुक्त- कम-संचालक को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अधिकारी को बताना होगा कि न्यायालय के पूर्व आदेश के बावजूद उसका पालन क्यों नहीं हुआ।
