सतना: जिले में समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की खरीदी का काम समाप्त हो गया है। मूंग की खरीदी निर्धारित अनुमान से अधिक हुई, जबकि उड़द की खरीदी में किसानों की रुचि नहीं दिखी। उड़द के लिए 20 किसानों ने पंजीयन कराया था, लेकिन उपार्जन केंद्रों पर एक भी किसान अपनी उपज बेचने नहीं पहुंचा।
एमएसपी पर ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी 1 जुलाई से शुरू हुई थी। जिले में करीब 456 किसानों ने मूंग बेचने के लिए पंजीयन कराया था। शासन ने उपार्जन कार्य के लिए जिला मार्केटिंग फेडरेशन को नोडल एजेंसी बनाया था। इसके लिए जिले में दो उपार्जन केंद्र निर्धारित किए गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक करीब 400 किसानों से लगभग 2 हजार क्विंटल मूंग की खरीदी की गई है। जिले में मूंग की सरकारी खरीदी का अनुमान करीब 2 हजार क्विंटल रखा गया था, लेकिन खरीदी इस अनुमान के आसपास या उससे अधिक पहुंच गई।
उड़द की खरीदी रही शून्य
वहीं, उड़द की सरकारी खरीदी को लेकर किसानों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई। जिले में 20 किसानों ने उड़द बेचने के लिए पंजीयन कराया था, लेकिन खरीदी अवधि के दौरान एक भी किसान उपार्जन केंद्र नहीं पहुंचा। इसके चलते उड़द की सरकारी खरीदी शून्य रही।
