नयी दिल्ली, 20 अगस्त (वार्ता) घरेलू विमान सेवा कंपनियों की उड़ानों में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या जुलाई में 4.8 प्रतिशत घटकर 1.20 करोड़ रह गयी।
यह नवंबर 2022 के बाद सबसे कम और 44 महीने का निचला स्तर है। साथ ही यह लगातार दूसरा महीना है जब देश में हवाई यात्रियों की संख्या में गिरावट आयी है। जून में यह 1.03 प्रतिशत घटकर एक करोड़ 34 लाख 64 हजार रही थी।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस साल जनवरी से जुलाई के दौरान हवाई यात्रियों की संख्या 9.84 करोड़ रही है जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 0.64 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी है।
यात्रियों की संख्या के आधार पर जुलाई में इंडिगो की बाजार हिस्सेदारी और मजबूत हुई है। यह लगातार दूसरे प्रतिशत बढ़कर 67.4 प्रतिशत पर पहुंच गयी। जून में यह 66.3 प्रतिशत थी।
एयर इंडिया समूह की हिस्सेदारी भी जून के 23.9 प्रतिशत से बढ़कर 24 प्रतिशत पर पहुंच गयी। एयर इंडिया समूह में एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं।
अकासा एयर की बाजार हिस्सेदारी एक महीने पहले के 6.4 प्रतिशत से घटकर 5.5 प्रतिशत रह गयी। वित्तीय संकट से जूझ रही स्पाइसजेट की बाजार हिस्सेदारी लगातार पांचवें महीने घटकर अब 1.6 प्रतिशत रह गयी। स्टार एयर (0.7 प्रतिशत) और अलायंस एयर (0.4 प्रतिशत) की बाजार हिस्सेदारी एक प्रतिशत से कम रही।
अधिक से अधिक भरी सीटों के साथ उड़ान भरने के मामलें में अकासा एयर एक बार फिर पहले स्थान पर रही। जुलाई में भरी सीटों का उसका औसत (पीएलएफ) 91.9 प्रतिशत रहा।
स्पाइसजेट का पीएलएफ 84.1 प्रतिशत रहा। एयर इंडिया समूह औसतन 83.2 प्रतिशत भरी सीटों के साथ तीसरे और इंडिगो 82.4 प्रतिशत के साथ चौथे स्थान पर रही। फ्लाई91 का पीएलएफ 74.7 प्रतिशत और स्टार एयर का 74.3 प्रतिशत दर्ज किया गया।
