
उन्होंने अमेरिकी ‘आर्थिक आतंकवाद’ करार दी जाने वाली नीतियों को वैश्विक अर्थव्यवस्था और दुनियाभर में देशों की संप्रभुता के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा, ” सैन्य युद्ध अपने उद्देश्यों को हासिल करने में विफल रहा और अब उन्होंने अपनी अगली विफलता को ‘आर्थिक युद्ध’ का नाम दे दिया है। ” ईरानी नेताओं की यह प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बुधवार को ईरान के खिलाफ नये आर्थिक अभियान की घोषणा के बाद आयी है।
श्री ट्रंप ने इसे ‘किसी भी देश के खिलाफ अब तक चलाया गया सबसे कठोर आर्थिक अभियान’ बताया और कहा कि इसका उद्देश्य अभूतपूर्व स्तर पर आर्थिक युद्ध और अलगाव लागू करना है। श्री ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाले वित्तीय और वाणिज्यिक माध्यमों को बंद करने का प्रयास करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन देशों के वित्तीय संस्थान, कंपनियां, हवाई अड्डे या सरकारी संस्थाएं ईरान को आर्थिक ‘जीवनरेखा’ उपलब्ध कराएंगी, उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। श्री ट्रंप ने इस अभियान को इकोनॉमिक डी-डे बताते हुए अमेरिकी सहयोगी देशों से भी ईरान को अलग-थलग करने के प्रयास में शामिल होने का आह्वान किया है।
