हांसी, एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए पुरुषों की 90 किलोग्राम से अधिक भारवर्ग में लगातार दूसरा कांस्य पदक जीतकर स्वदेश लौटे अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल का हांसी के गांव सोरखी और मुंढाल में ऐतिहासिक स्वागत किया गया। हांसी से भारतीय जनता पार्टी के विधायक विनोद भयाना ने मुंढाल पहुंचकर बॉक्सर नरेंद्र बेरवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान सैकड़ों युवाओं ने बाइक और ट्रैक्टरों के काफिले के साथ ढोल-नगाड़ों की थाप पर उनका जोरदार अभिनंदन किया, जिससे पूरे क्षेत्र में जश्न का माहौल बन गया।
कड़े मुकाबलों का सामना करते हुए देश के लिए हासिल किया पदक, सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता- नरेंद्र बेरवाल
सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन आइबेक ओरलबे के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद कांस्य पदक अपने नाम करने वाले नरेंद्र बेरवाल ने अपनी सफलता का श्रेय 16 वर्षों की कड़ी तपस्या और अनुशासन को दिया। भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर सेवाएं दे रहे नरेंद्र ने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है। उन्होंने अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए बताया कि कैसे वे भिवानी बॉक्सिंग अकादमी में कोच देवराज के मार्गदर्शन में पसीना बहाकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं।
युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील, अब आगामी ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं निगाहें
स्वागत समारोह के दौरान युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए नरेंद्र बेरवाल ने कहा कि खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और कोच के मार्गदर्शन पर पूरा ध्यान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर खेलकूद में आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही सरकार से ग्रामीण अंचल में खेल सुविधाओं को और अधिक मजबूत करने का आग्रह किया ताकि गांव की प्रतिभाएं भी देश का नाम रोशन कर सकें। लगातार दो एशियन गेम्स में पदक जीत चुके नरेंद्र का अब अगला मुख्य लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक हासिल करना है।

