रीवा :युवक ने अपने शरीर पर जवारे बोए अन्न-जल त्याग कर मौन धारण किया अनोखी साधना देखने लोगो की लगी भीड़शारदीय नवरात्रि में भक्ति की एक अनोखी तस्वीर रीवा जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र स्थित पिपरवार के बुढ़गवां से सामने आई है।
यहां स्थानीय देवी भक्त 46 वर्षीय कैलाश पटेल पिछले 13 वर्षों से लगातार ऐसी कठिन उपासना कर रहे हैं, जिसे देखकर हर कोई दांतों तले उंगली दबा लेता है।
वे अपने घर में 13 वर्षों से माता की स्थापना कर रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने आदि शक्ति के सामने नुकीली कीलों की शैया तैयार कर उस पर लेटकर नौ दिन की उपासना शुरू की है।
उन्होंने अपने शरीर पर जवारे बोए हैं और अन्न-जल त्याग कर मौन धारण कर लिया है।
नवरात्रि शुरू होने से दो दिन पहले ही उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर दिया था। लोग अपनी क्षमता अनुसार माता की भक्ति करते है लेकिन उन्होंने नोकीले कीलों पर लेटकर, शरीर पर जवारे उगाकर माता की आराधना शुरू की है। यह कठोर उपासना 23 अक्टूबर तक चलेगी।
यहां से उठने के बाद वे लेटे हुए ही माँ शारदा देवी के दर्शन करने मैहर जाएंगे और जवारों का विसर्जन करेंगे।
उनकी इस कठिन साधना को देखने के लिए लोग दूर-दूर से उनके घर पहुंचे रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की साधना के लिए साहस और आस्था जरूरी है।
