21 हजार की कथित रिश्वत मामले में तीन अफसरों को राहत

जबलपुर। विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) मनीष सिंह ठाकुर की अदालत ने लोकायुक्त के 21 हजार रुपये की कथित रिश्वत प्रकरण में शहडोल निवासी संयुक्त संचालक लोक शिक्षण डॉ. राममोहन तिवारी, लेखापाल अशोक कुमार शिववेदी और सहायक ग्रेड-थ्री संतोष भटेले के खिलाफ लोकायुक्त की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। न्यायालय ने कहा कि रिकार्ड पर ऐसा कोई प्रथम दृष्टया साक्ष्य नहीं है जिससे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत अभियोजन चलाया जा सके।

अदालत ने अपने आदेश में माना कि शिकायतकर्ता द्वारा जिस 21 हजार रुपये की राशि को रिश्वत बताया गया, वह कार्यालय में हुई कंप्यूटर चोरी के बाद अनिसा बेगम से विभागीय क्षतिपूर्ति की वसूली से संबंधित थी। यदि वसूली या विभागीय कार्रवाई की वैधता पर कोई विवाद है तो उसका निराकरण अन्य सक्षम मंच पर होगा, इससे आरोपी अधिकारियों का आपराधिक दायित्व स्वतः: सिद्ध नहीं होता। परिणाम स्वरूप अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए प्रकरण समाप्त कर दिया।

Next Post

'लुटेरी दुल्हन' गिरोह के आठ सदस्य गिरफ्तार

Sat Jul 18 , 2026
कोटा, 18 जुलाई (वार्ता) राजस्थान में कोटा जिले के रामगंजमंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने अंतर्राज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह […]

You May Like