कोटा, 18 जुलाई (वार्ता) राजस्थान में कोटा जिले के रामगंजमंडी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अंतरराज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने अंतर्राज्यीय ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार तक फैला हुआ था, जो अविवाहित और उम्रदराज युवकों को निशाना बनाता था। गिरोह के दलाल पहले लडक़ों को लड़कियों की तस्वीरें दिखाते थे और फिर झारखंड से युवतियों को बुलाकर मंदिर में नकली शादी करवा देते थे। उन्होंने बताया कि शादी के नाम पर पीडि़तों से एक से दो लाख रुपये ऐंठे जाते थे, लेकिन शादी के महज एक-दो दिन बाद ही ये दुल्हनें अपने माता-पिता की बीमारी का झूठा बहाना बनाकर गहने और नकदी समेटकर फरार हो जाती थीं।
श्री शंकर ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश दो अलग-अलग पीडि़तों की शिकायतों के बाद हुआ। पहली शिकायत 13 जुलाई को लाडपुरा निवासी दिनेश कुमार ने दर्ज करायी थी, जिसमें उन्होंने बताया कि गिरोह ने उनके साथ नकली शादी करवाकर पैसों की बड़ी धोखाधड़ी की है।
इसके बाद, 16 जुलाई को हिरियाखेड़ी निवासी दिलीप सिंह ने भी इसी तरह की ठगी की शिकायत दर्ज करायी। इन दोनों ही मामलों में आरोपियों ने पीडि़तों को शादी का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लिये थे। इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस का एक विशेष दल का गठन किया गया, जिसने जाल बिछाकर गिरोह के आठ सदस्यों को धर दबोचा।
उन्होंने बताया कि इस गिरोह ने पहले भी कई इलाकों में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देकर लाखों रुपये लूटे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह की सदस्य पूजा ने मध्य प्रदेश के मोड़ी हरिपुरा निवासी सुरेश पाटीदार से एक लाख रुपये, अंजलि ने झालावाड़ के दीपक मीणा से एक लाख रुपये, शिवानी ने असनावर के टिंकू सिंह से एक लाख 10 हजार रुपये, पिंकी ने अकलेरा के सत्यनारायण से डेढ़ लाख रुपये और सुनीता मुखर्जी ने बूंदी के डाबी निवासी धनराज से एक लाख 10 हजार रुपये लिये है। गिरफ्तार आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।
