अमरावती, जापान में आयोजित एशियन गेम्स-2026 में अपने शानदार और अचूक निशाने से देश के लिए दो स्वर्ण पदक जीतने वाली अमरावती की 17 वर्षीय प्रतिभावान तीरंदाज कुमकुम मोहोड़ का सोमवार को अपने गृह नगर लौटने पर अभूतपूर्व स्वागत किया गया। शहर के सांस्कृतिक भवन में आयोजित सम्मान समारोह के दौरान विधायक सुलभा खोडके ने कुमकुम और तीरंदाजी की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाले यशदीप भोगे का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य अभिनंदन किया। इस अवसर पर सांसद अनिल बोंडे, महापौर श्रीचंद तेजवानी, जिलाधिकारी आशिष येरेकर और एसपी निकेतन कदम सहित तमाम खेल प्रेमी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर अमरावती का मान बढ़ाया।
परिवार के अटूट सहयोग और नियमित ध्यान (मेडिटेशन) को सफलता का श्रेय, अब 2028 और 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने का है लक्ष्य
मीडिया से बातचीत करते हुए कुमकुम मोहोड़ ने अपने संघर्ष और सफलता के सफर को साझा करते हुए बताया कि तीरंदाजी का खेल अन्य विधाओं की तुलना में काफी खर्चीला और महंगा है, लेकिन उनके मध्यमवर्गीय परिवार और विशेषकर माता-पिता के पूरे सहयोग ने कभी उन्हें किसी भी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में तीरंदाजी से जुड़ी कुमकुम को चित्रकला का भी शौक था, लेकिन मां की प्रेरणा से उन्होंने इस खेल को ही अपना मुख्य लक्ष्य बनाया। मेडिटेशन और निरंतर एकाग्रता को अपनी ताकत बताते हुए उन्होंने ऐलान किया कि उनका अगला और सबसे बड़ा सपना आगामी 2028 और 2036 के ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए सोना जीतना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात का है विशेष कार्यक्रम, खेल संगठनों और नागरिकों ने निकाली भव्य विजय रैली
जापान से रात करीब 1 बजे अमरावती पहुंचने के बाद कुमकुम के स्वागत में शहर में एक विशाल विजय रैली निकाली गई, जिसमें उनके परिवार के सदस्यों के अलावा विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारी, प्रशिक्षक और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। खेल जानकारों का मानना है कि इतनी कम उम्र में दो स्वर्ण पदक हासिल करके कुमकुम ने देश की नई पीढ़ी के लिए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुमकुम मोहोड़ और रजत पदक विजेता यशदीप भोगे के सम्मान की इस कड़ी में मंगलवार को हैदराबाद और बुधवार को नई दिल्ली में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात का भी विशेष कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।

