भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग के तहत युवाओं को कानून, नागरिक अधिकारों, कर्तव्यों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, निशातपुरा में ‘जन सुरक्षा युवा सृजन संवाद’ आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सामुदायिक पुलिसिंग के डीआईजी डॉ. विनीत कपूर ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली, मौलिक एवं मानवाधिकार, नागरिक कर्तव्यों तथा महिलाओं और बच्चों से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी और नागरिक बिना किसी भय के पुलिस से संवाद करें। पुलिस और समाज के बीच विश्वास एवं निरंतर संवाद मजबूत होने से अपराध की रोकथाम और जनसुरक्षा को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
डॉ. कपूर ने घरेलू हिंसा, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि किसी लड़की को परेशान करना, उसका पीछा करना या अनुचित व्यवहार करना कानूनन अपराध हो सकता है। कार्यक्रम में क्विज भी आयोजित की गई और सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
सहायक पुलिस महानिरीक्षक अमृतलाल मीणा ने युवाओं और पुलिस के बीच निरंतर संवाद की आवश्यकता पर जोर देते हुए विद्यार्थियों से कानून का सम्मान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता लेने की अपील की।
इस अवसर पर एआईजी (महिला सुरक्षा) मंजू लता खत्री, एसीपी भोपाल रेनू मुरार, जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य सहित विद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने विद्यालय की लाइब्रेरी, आईसीटी एवं रोबोटिक्स कक्ष, व्यावसायिक एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं, मनोविज्ञान कक्ष और मेडिकल/रेस्ट रूम का निरीक्षण किया। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम स्पेस गैलरी का भी अवलोकन किया गया। विद्यालय की मासिक पत्रिका ‘गुल्लक’ का विमोचन किया गया, जबकि वार्षिक पत्रिका ‘आयाम’ अतिथियों को भेंट की गई। विद्यार्थियों के समग्र विकास में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।
