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रीवा, रीवा जिले के गुढ़ तहसील क्षेत्र अंतर्गत बेला गांव में भूमि अधिग्रहण और उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान देशराज मिश्रा पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। मामला पावर ग्रिड कंपनी द्वारा किसान की निजी भूमि पर हाई-टेंशन विद्युत टॉवर लगाने और तार बिछाने से जुड़ा हुआ है।किसान देशराज मिश्रा का आरोप है कि पावर ग्रिड कंपनी द्वारा उनके खेत से हाई टेंशन लाइन निकाली जा रही है,जिससे उनकी भूमि प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि इस निर्माण कार्य से उनकी पूरी जमीन का उपयोगिता मूल्य खत्म हो जाएगा,जबकि जिला प्रशासन और संबंधित कंपनी द्वारा उन्हें नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान नहीं किया जा रहा है। इसी मांग को लेकर वे लगातार तीन दिनों से धरना स्थल पर डटे हुए हैं।
*नायब तहसीलदार के बाद स्वयं पहुँचे तहसीलदार*
धरना प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। धरने के पहले ही दिन गुढ़ तहसीलदार अरुण यादव के निर्देश पर नायब तहसीलदार महिमा पाठक को धरना स्थल पर समझाइश देने भेजा गया था हालांकि वार्ता बेनतीजा रही।तहसीलदार ने बताया कि धरना देने की कोई सूचना प्रशासन को नही थी सिर्फ सोसल मीडिया से जानकारी मिली थी।धरने के तीसरे दिन स्थिति का जायजा लेने स्वयं गुढ़ तहसीलदार अरुण यादव बेला गांव पहुंचे।उन्होंने धरना स्थल पर बैठकर देशराज मिश्रा से बातचीत की और उन्हें आश्वस्त किया कि शासन प्रशासन की गाइडलाइन के तहत ही मुआवजे की राशि तय की गई है और उसी के अनुसार भुगतान किया जाएगा।लेकिन किसान देशराज मिश्रा तहसीलदार के इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने मुआवजा नीति पर असंतोष व्यक्त करते हुए अपना धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया।
*तहसीलदार का क्या कहना है*
बेला गांव में पावर ग्रिड कंपनी के टॉवर निर्माण कार्य को लेकर भू स्वामी के पुत्र देशराज मिश्रा द्वारा धरना दिए जाने की सूचना मिली थी।प्रथम दिन ही नायब तहसीलदार महिमा पाठक को भेजकर किसान के पुत्र को समझाने का प्रयास किया गया था।लेकिन बात मानने से इनकार कर दिया गया था कई बार कंपनी के कर्मचारियों द्वारा भूस्वामी को नोटिस भी दी गयी लेकिन उन्होंने लेने से इनकार कर दिया और अर्जन की गई जमीन का राशि भी नही लिया गया आज धरने के तीसरे दिन मैं स्वयं मौके पर गया और किसान के पुत्र को आश्वस्त किया कि मुआवजा वितरण पूर्णत मध्य प्रदेश शासन और प्रशासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप ही किया जा रहा है।पूर्व में भी हमने पावर ग्रिड कंपनी के अधिकारियों और भू स्वामी को तहसील कार्यालय बुलाकर आपसी सहमति और नियमानुकूल समाधान निकालने की समझाइश दी थी।इसके बावजूद भू स्वामी के पुत्र प्रशासनिक गाइडलाइन को मानने को तैयार नहीं हैं और नियमों से हटकर मुआवजा पाने का दबाव बना रहे हैं।प्रशासन कानून एवं निर्धारित दिशानिर्देशों के तहत ही कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
