नयी दिल्ली (वार्ता) हिंदू नव वर्ष विक्रम संवत् 2082 के मौके पर विधानसभा में सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर और कैलाश बैंड ने शानदार प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दिल्ली सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इस समारोह में कैलाश खेर ने एक से बढ़कर एक कर्णप्रिय गीत गाये और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम प्रारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसमें कलाकारों ने सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया।
इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, लोक कल्याण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा सहित रेखा मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य, विधायक और काफी संख्या में अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इस अवसर पर श्री गुप्ता ने कहा, “हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवचेतना, संकल्प और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन को नई दिशा देने का है। यह भारतीय परंपरा और पंचांग से जुड़ा हुआ है, जो हमारी सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। हिन्दू नववर्ष हमारे अद्वितीय इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है, जो वसुधैव कुटुंबकम् और अहिंसा परमो धर्मः जैसे मानवीय आदर्शों से प्रेरित है।”
उन्होंने कहा, “भारतीय सनातन संस्कृति ने सदैव पूरे देश को एकता के सूत्र में बांधा है। भारतीय सभ्यता समय की हर परीक्षा में खरी उतरी है और इसकी परंपराएं और मूल्यों का संरक्षण हमारा दायित्व है। नई पीढ़ी आधुनिक तकनीकी प्रभावों के कारण अपनी जड़ों से दूर होती जा रही है, और इसे भारतीय संस्कृति से जोड़ना आज की सबसे बड़ी चुनौती है। इस कार्य की शुरुआत परिवार और समाज से ही होनी चाहिए।”
विधानसभा अध्यक्ष कहा, “हमें एक राष्ट्रीय सांस्कृतिक नीति की आवश्यकता है, जिससे नई पीढ़ी सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बन सके। भारतीय संस्कृति अपने सहज, सरल और शालीन आचरण के लिए विश्वभर में प्रशंसा पाती है। हिंदू धर्म केवल एक धर्म नहीं, बल्कि एक विचारधारा है जो सहिष्णुता, अनुशासन और संवाद पर आधारित है। यह भारतीय जीवन दर्शन को अनमोल बनाता है और इसकी सुरक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
श्री गुप्ता कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर का हर कीमत पर संरक्षण होना चाहिए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रेरणादायक शब्दों को साझा किया, जो राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक गौरव, और भारतीय मूल्यों को अपनाने का संदेश देते हैं। उन्होंने नववर्ष के इस पावन अवसर पर सभी से यह संकल्प लेने की अपील की कि हम अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को न केवल अपनाएंगे, बल्कि उनकी हर स्थिति में रक्षा भी करेंगे।
वहीं मुख्यमंत्री गुप्ता ने कहा, “विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रीगण, सांसद, विधायक और दिल्लीवासियों के साथ मिलकर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सम्मान दिया गया। यह आयोजन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपरा को सहेजने और नई पीढ़ी तक संस्कृति व संस्कारों की ज्योति पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।”
उन्होंने कहा, “माँ भगवती के आशीर्वाद से यह नववर्ष हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए, ऐसी मंगलकामना है!”
यह पहला मौका है जब दिल्ली विधानसभा में हिंदू नववर्ष के मौके पर इस तरह के सांस्कृति कार्यक्रम का आयोजन किया गया।