
नयी दिल्ली 14 अगस्त (वार्ता) नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए यहां सरोजिनी नगर इलाके में पिलंजी के रहने वाले और वांछित भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ़ वीरू उर्फ बसोया को भारत वापस लाने में कामयाबी हासिल की है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बसोया को सुबह इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने पर उसे हिरासत में ले लिया गया। ब्यूरो के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर बसोया को इस वर्ष जून में संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ़्तार किया गया था।
भारतीय एजेंसियों ने अमीरात के अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर उसकी भारत वापसी सुनिश्चित की। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और कठोर रूख अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए ब्यूरो ने अमीरात से फ़रार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया की वापसी सुनिश्चित की। अपराधी का पता लगाने के लिए ‘टॉप टु बॉटम’ और ‘बॉटम टु टॉप’ अप्रोच के ज़रिए, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय क़ानून की पकड़ से बच नहीं सकते। ”
इस वर्ष फरवरी में पुणे में पुलिस ने 500 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त किया। इसके बाद ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान और उसे खत्म करने की कार्रवाई के दौरान पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिससे कुल बरामदगी लगभग 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन हो गई। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए ब्यूरो की मुंबई क्षेत्रीय यूनिट को सौंप दिया गया। जांच में बसोया की पहचान एक अहम विदेशी ऑपरेटिव और कथित साज़िशकर्ता के तौर पर हुई है। वह विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों में समन्वय करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करता था।
दिल्ली में बरामद हुई लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप, कथित तौर पर उससे जुड़े कूरियर चैनलों के ज़रिए निर्यात करने की तैयारी से संबंधित थी। उसकी भूमिका घरेलू विनिर्माण और तस्करी नेटवर्क को विदेशी वितरक चैनलों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आई।
बसोया का नाम अंतर कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी सामने आया है। अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद में गोदामों और अन्य जगहों के साथ-साथ गुजरात के अंकलेश्वर में एक फैक्ट्री से भी भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए गए। इन मिले-जुले ऑपरेशन्स में 1,300 किलोग्राम से ज़्यादा कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई। गिरोह की जांच से पता चला कि कोकीन और अन्य ड्रग्स की खरीद, ट्रांसपोर्ट, भंडारण और वितरण के काम में बसोया की कथित भूमिका थी।
