श्रीनगर, मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 9वीं एमएमए इंडिया नेशनल चैंपियनशिप में जम्मू-कश्मीर की 17 वर्षीय रुतबा शब्बीर ने इतिहास रच दिया है। उन्होंने बैंटमवेट फाइनल के पहले राउंड में अपनी प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ 36 सेकंड में नॉकआउट कर स्वर्ण पदक हासिल किया, जिसके बाद उन्हें ‘बेस्ट फीमेल यूथ एथलीट’ के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
कड़ी ट्रेनिंग और कोच आसिफ हुसैन का मार्गदर्शन
श्रीनगर की रहने वाली और 11वीं कक्षा की छात्रा रुतबा ने कोच आसिफ हुसैन की देखरेख में लगभग आठ से नौ साल तक कड़ी ट्रेनिंग की है। वुशु से अपने खेल की शुरुआत करने वाली रुतबा ने एमएमए में अपनी फुर्ती और रणनीतिक कौशल के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
जम्मू-कश्मीर में एमएमए का बढ़ता दायरा
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर की टीम ने कुल 10 पदक जीतकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। रुतबा की इस ऐतिहासिक सफलता से घाटी के युवा एथलीटों में प्रेरणा की एक नई लहर दौड़ गई है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

