पोआमा र्नसरी के नए तालाब में पक्षियों ने डाला अपना डेरा

छिंदवाड़ा. इन दिनों पोआमा नर्सरी में स्थित तालाब के पास 38 प्रजातियों के पक्षियों ने अपना डेरा डाला हुआ है. इन पक्षियों में कई दुर्लभ प्रजाती के पक्षी शामिल है. यह स्थान पक्षियों को प्रजनन काल के लिए उपयुक्त लग रहा है जिसके चलते पक्षियों ने पोआमा नर्सरी को अपना घर बनाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार आज प्रात: सुश्री मनीषा परिहार, रोहित यादव एवं प्रतीक ने पोआमा नर्सरी का अवलोकन किया. इस दौरान टीम ने प्रात: 5: 30 बजे से 8: 45 बजे तक पोआमा नर्सरी के विभिन्न स्थानों एवं जलक्षेत्रों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने कुल 38 पक्षी प्रजातियों का अवलोकन किया गया. इनमें क्रस्टेड हॉक-ईगल जैसी उल्लेखनीय प्रजाति दर्ज हुई. इसके अलावा पफ-थ्रोटेड बैबलर पक्षी की महत्वपूर्ण उपस्थिति भी दर्ज की गई. वहीं अरिल एवं सिलवर बर्ड के झुंड भी देखे गए. वर्तमान समय में इन पक्षियों की प्रजनन गतिविधियाँ भी सक्रिय दिखाई दे रही हैं. नए तालाब में जलीय पक्षियों की बढ़ी गतिविधि- बर्डिंग के दौरान पोआमा नगर वन में हाल ही में विकसित किए गए नए तालाब में पक्षियों की विशेष गतिविधि देखी गई. तालाब में स्पॉटेड-बिल्ड डक, लिटिल ग्रीब एवं कॉर्मोरेंट जैसे जलीय पक्षियों की उपस्थिति दर्ज की गई. इसके अलावा अन्य पक्षी प्रजातियां भी तालाब एवं उसके आसपास दिखाई दीं. नए तालाब में जलीय पक्षियों की उपस्थिति इस बात का सकारात्मक संकेत है कि विकसित किया गया जलक्षेत्र धीरे-धीरे पक्षियों के लिए उपयोगी सबित हो रहा है. ऐसे जलक्षेत्र नगर वन की जैवविविधता को बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों के लिए भोजन, जल एवं विश्राम का महत्वपूर्ण स्थान बन सकते हैं।

वन विकास कार्यों का सकारात्मक प्रभाव ०००००

रेंज ऑफिसर नीरज बिसेन ने कहा नगर वन के तहत होने वाले विभिन्न कार्यों जैसे लेंटाना उन्मूलन, विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण तथा जल संरक्षण कार्यों के कारण इस क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के पक्षी आकर्षित हो रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र की जैव विविधता में निरंतर वृद्धि हो रही है.

प्रकृति शिक्षा का केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास ००००००

पूर्व वनमंडलाधिकारी स्वारूप आर. दीक्षित ने कहा कि पोआमा नगर वन में 38 पक्षी प्रजातियों की उपस्थिति तथा नए तालाब में जलीय पक्षियों की बढ़ती गतिविधि अत्यंत उत्साहजनक है। हमारा प्रयास है कि पोआमा नगर वन को जैवविविधता संरक्षण एवं प्रकृति शिक्षा के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए.पोआमा नगर वन में नियमित बर्ड मानेटिं्रक के माध्यम से यहां की पक्षी विविधता और विभिन्न पर्यावरण में हो रहे बदलावों का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. भविष्य में इस तरह के नियमित सर्वेक्षण नगर वन की जैवविविधता के संरक्षण, वैज्ञानिक प्रबंधन तथा प्रकृति शिक्षा की गतिविधियों के लिए उपयोगी आधार प्रदान करेंगे.

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